निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ सरकार ने नई आबकारी नीति लागू करते हुए बड़ा बदलाव किया है। अब होली के दिन प्रदेशभर में शराब की दुकानें बंद नहीं रहेंगी। यानी त्योहार के दिन भी लोग वैध रूप से दुकानों से शराब खरीद सकेंगे। इस फैसले को वर्ष 2026-27 की संशोधित एक्साइज पॉलिसी का हिस्सा बनाया गया है।
तीन ड्राई डे सूची से हटाए गए
पहले राज्य में सात ड्राई डे निर्धारित थे, लेकिन नई नीति में से तीन दिन—होली, मुहर्रम और महात्मा गांधी निर्वाण दिवस (30 जनवरी) को हटा दिया गया है। इन अवसरों पर अब शराब बिक्री पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
सरकार का मानना है कि पूर्ण प्रतिबंध से अवैध शराब की तस्करी और गैरकानूनी बिक्री बढ़ती है, इसलिए नियंत्रित वैध बिक्री बेहतर विकल्प है।

अब केवल चार दिन पूर्ण प्रतिबंध
नई व्यवस्था के अनुसार पूरे वर्ष में सिर्फ चार राष्ट्रीय-धार्मिक अवसरों पर ही शराब दुकानें बंद रहेंगी—
-
26 जनवरी (गणतंत्र दिवस)
-
15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस)
-
2 अक्टूबर (गांधी जयंती)
-
18 दिसंबर (गुरु घासीदास जयंती)
इन दिनों प्रदेशभर में शराब बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
पहले होली पर रहती थी सख्ती
पूर्व नियमों के तहत होली के दिन शराब बिक्री बंद रहती थी और उससे पहले पुलिस द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाता था। बड़ी मात्रा में शराब ले जाने पर जब्ती और कार्रवाई भी होती थी। नई नीति लागू होने के बाद इस तरह की सख्ती से राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
Read More : महाराष्ट्र में देवेंद्र सरकार का बड़ा फैसला! मुस्लिमों को 5% कोटा अब पूरी तरह खत्म
गांधी निर्वाण दिवस पर खुली दुकानों को लेकर विरोध
30 जनवरी को शराब दुकानें खुली रहने पर इस वर्ष कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई शहरों में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से नियमों में बदलाव की मांग की थी।
नई नीति के बाद यह मुद्दा फिर राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।
राजस्व और कानून-व्यवस्था पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित ड्राई डे नीति से राजस्व बढ़ने के साथ अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण संभव है। हालांकि सामाजिक प्रभाव को लेकर चर्चा जारी है।













