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Conrad Sangma Assembly Statement : मेघालय: थांग्स्को खदान त्रासदी के बाद 15,000 टन कोयला जब्त; 33 मौतों पर सरकार ने गठित किया न्यायिक आयोग

Conrad Sangma Assembly Statement : शिलॉन्ग/गुवाहाटी (17 फरवरी 2026): मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में 5 फरवरी को अवैध ‘रैट-होल’ कोयला खदान में हुए शक्तिशाली विस्फोट ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्वतः संज्ञान लेते हुए बयान दिया कि इस हादसे में अब तक 33 खनिकों की जान जा चुकी है।मेघालय में बड़ा हादसा, 10 लोगों की मौत पूर्वी जयंतिया हिल्स के मिसिंगेट– थांग्स्को इलाके में अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट से 10 ...

भारी मात्रा में जब्ती और कार्रवाई

हादसे के बाद प्रशासन ने अवैध खनन सिंडिकेट के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई शुरू की है:

  • कोयला जब्ती: 14 फरवरी तक राज्यभर में 15,224.72 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया है।

  • मशीनरी पर प्रहार: अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाली 6 बड़ी क्रेनें तोड़ी जा चुकी हैं और अन्य को नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है।

  • ड्रोन निगरानी: पुलिस अब दुर्गम इलाकों में अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन्स का इस्तेमाल कर रही है।

  • गिरफ्तारी: इस मामले में अब तक 57 FIR दर्ज की गई हैं और थांग्स्को कांड से जुड़े 7 मुख्य आरोपियों समेत कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।मेघालय में बड़ा हादसा कोयला खदान धंसी, 10 मजदूरों की मौत की खबर पुलिस ने की  4 मौतों की पुष्टि मरने वालों की बढ़ सकती है संख्या पूर्वी जयंतिया ...

न्यायिक आयोग और SIT की जांच

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार ने जस्टिस (रिटायर्ड) आर.एस. चौहान (उत्तराखंड और तेलंगाना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश) की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है।

  • उद्देश्य: यह आयोग इस त्रासदी के कारणों, प्रशासनिक चूक और अवैध खनन की ‘जड़ों’ की जांच करेगा।

  • समय सीमा: आयोग को 6 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

  • SIT: डीआईजी (ईस्टर्न रेंज) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) भी आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही है।

हाईकोर्ट की कड़ी फटकार

मेघालय हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जिले के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) को व्यक्तिगत रूप से तलब किया। कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा कि जस्टिस काटाके समिति द्वारा बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद अवैध खनन क्यों जारी रहा। गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में 14 जनवरी को भी एक श्रमिक की मौत हुई थी, जिसे प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया था।

मुआवजा और पुनर्वास

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 8 प्रभावित परिवारों को 24 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) वितरित की जा चुकी है और शेष परिवारों के लिए प्रक्रिया जारी है। सरकार ने यह भी दोहराया कि वे वैज्ञानिक खनन (Scientific Mining) की दिशा में बढ़ रहे हैं ताकि अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।

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