निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से पहले शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ग्रुप स्टेज से बाहर होने की स्थिति में पहुंच जाएगी। मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जॉश हेजलवुड जैसे प्रमुख गेंदबाजों की गैरमौजूदगी के बावजूद टीम को सेमीफाइनल का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। लेकिन सिर्फ सात दिनों के भीतर टूर्नामेंट की तस्वीर पूरी तरह बदलती दिखाई दे रही है।
शुरुआती जीत के बाद लगातार दो झटके
ऑस्ट्रेलिया ने अपने अभियान की शुरुआत आयरलैंड पर जीत के साथ की थी, जिससे टीम के आत्मविश्वास को बल मिला। हालांकि अगले ही मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ा उलटफेर हुआ और कंगारू टीम को हार झेलनी पड़ी। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में भी ऑस्ट्रेलिया को 18 ओवर में 8 विकेट से करारी शिकस्त मिली, जिसने सुपर-8 की राह लगभग बंद कर दी।
पॉइंट्स टेबल में कमजोर स्थिति
तीन मैचों में सिर्फ दो अंक के साथ ऑस्ट्रेलिया फिलहाल ग्रुप में तीसरे स्थान पर है। दूसरी ओर श्रीलंका पहले ही अगले दौर में पहुंच चुकी है, जबकि जिम्बाब्वे चार अंकों के साथ मजबूत स्थिति में है। अब जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच होने वाला मुकाबला तय करेगा कि ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें जिंदा रहेंगी या खत्म हो जाएंगी।
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क्या अभी भी बच सकती है ऑस्ट्रेलिया?
ऑस्ट्रेलिया के पास आगे बढ़ने की संभावना पूरी तरह जिम्बाब्वे के प्रदर्शन पर निर्भर है। यदि जिम्बाब्वे अपने अगले दोनों मैच हारती है और ऑस्ट्रेलिया अंतिम मैच में ओमान को हराने में सफल रहती है, तो तीन टीमों के चार-चार अंक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बेहतर नेट रनरेट कंगारू टीम को सुपर-8 का टिकट दिला सकता है।
क्रिकेट जगत में बढ़ी हलचल
पूर्व चैंपियन टीम का शुरुआती दौर में ही बाहर होने का खतरा क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला है। अब सभी की नजरें जिम्बाब्वे-आयरलैंड मुकाबले और ऑस्ट्रेलिया के अंतिम मैच पर टिकी हैं, जो टूर्नामेंट की दिशा तय करेंगे।
T20 वर्ल्ड कप 2026 में यह घटनाक्रम साबित कर रहा है कि क्रिकेट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।













