Rewa Collectorate Protest : रीवा : रीवा जिला मुख्यालय में सोमवार को यूजीसी के समर्थन में ओबीसी और एससी-एसटी संयुक्त मोर्चे के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन के दौरान मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघ दी गईं। कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने न केवल जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी की, बल्कि एक आवारा कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधकर उसे कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर खदेड़ दिया। इस हरकत को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।
4 घंटे चला हंगामा, कलेक्टर की रही जिद
जानकारी के अनुसार, संयुक्त मोर्चे की रैली कलेक्ट्रेट पहुंची थी, जहां प्रदर्शनकारी सीधे कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपने पर अड़े थे। मौके पर एडीएम और एसडीएम सहित भारी पुलिस बल करीब 4 से 5 घंटे तक ज्ञापन लेने के लिए खड़ा रहा, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन नहीं सौंपा। जब कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंचीं, तो नाराज प्रदर्शनकारियों ने पास ही घूम रहे एक आवारा कुत्ते को पकड़ा और ज्ञापन उसके गले में बांधकर मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए उसे अंदर भेज दिया।
बिना अनुमति निकाली गई थी रैली
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, ओबीसी और एससी-एसटी संयुक्त मोर्चे ने न तो रैली की अनुमति ली थी और न ही ज्ञापन सौंपने के संबंध में जिला प्रशासन को पूर्व सूचना दी थी। बिना अनुमति के हुए इस शक्ति प्रदर्शन और उसके बाद की गई ‘कुत्ता कांड’ जैसी हरकत ने अधिकारियों को आक्रोशित कर दिया है।
अपर कलेक्टर ने बताया अनुचित
इस पूरे घटनाक्रम पर अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कलेक्टर महोदया उस समय संभागायुक्त (कमिश्नर) के साथ एक आवश्यक बैठक में थीं। यदि प्रदर्शनकारी केवल उन्हें ही ज्ञापन देना चाहते थे, तो 5 लोगों का प्रतिनिधिमंडल कमिश्नर कार्यालय जाकर ज्ञापन दे सकता था। उन्होंने कहा कि जिस तरह की हरकत प्रदर्शनकारियों ने की है, वह पूरी तरह से अनुचित और विधि विरुद्ध है।
सपना त्रिपाठी, अपर कलेक्टर, रीवा
“प्रशासनिक अधिकारी घंटों मौके पर मौजूद थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ सहयोग करने के बजाय एक बेजुबान जानवर के गले में ज्ञापन बांधकर कार्यालय के अंदर भेजा। यह कृत्य निंदनीय है। चूंकि इस रैली की कोई अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध विधि सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”













