Journalist Protest Sehore : सीहोर : जिला अस्पताल सीहोर में उस समय तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब बड़ी संख्या में पत्रकार सिविल सर्जन के कक्ष से नारेबाजी करते हुए अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। मामला श्यामपुर तहसील के एक पत्रकार की पत्नी और नवजात बच्चे के साथ हुई गंभीर संवेदनहीनता और अभद्रता से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
श्यामपुर के एक पत्रकार साथी की पत्नी की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी, लेकिन बच्चे की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें रात 3 बजे जिला अस्पताल सीहोर रेफर किया गया। आरोप है कि जब पत्रकार अपनी पत्नी और नवजात को लेकर अस्पताल पहुँचा, तो ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उन्हें अस्पताल से बाहर जाने को कहा।
पत्रकार का आरोप है कि नर्स उनकी पत्नी को घसीटते हुए अंदर ले गई, जिससे महिला के टांके टूट गए और मुँह चेक करने की प्रक्रिया के दौरान महिला की आवाज तक बंद हो गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन महिला को निजी अस्पताल ले जाने पर मजबूर हुए।
सिविल सर्जन के सामने भी नर्सों की बदसलूकी
जब इस घटना की शिकायत करने पत्रकार साथी सिविल सर्जन के कक्ष में पहुँचे, तो वहाँ भी करीब 8-10 नर्सों ने आकर सिविल सर्जन की मौजूदगी में पत्रकारों से अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। इस अपमानजनक रवैये से आक्रोशित होकर पत्रकारों ने काम बंद कर अस्पताल गेट पर धरना दे दिया और जमकर नारेबाजी की।
कार्रवाई का आश्वासन और धरना समाप्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। बाद में सीएमएचओ (CMHO) सुधीर डहरिया मौके पर पहुँचे और पत्रकारों को आश्वस्त किया कि दोषी स्टाफ नर्सों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के ठोस भरोसे के बाद पत्रकारों ने अपना धरना समाप्त किया।
सुधीर डहरिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), सीहोर
“मामला हमारे संज्ञान में आया है। अस्पताल स्टाफ द्वारा पत्रकारों और मरीज के साथ जो व्यवहार किया गया है, वह स्वीकार्य नहीं है। हमने प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”













