Kusmi SDM Karun Dahariya : कुसमी/बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में प्रशासन का बेहद खौफनाक चेहरा सामने आया है। कुसमी एसडीएम करुण डहरिया और उनके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने बॉक्साइट लोड ट्रक रोकने के संदेह में तीन ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई की, जिसमें 62 वर्षीय रामनरेश राम की मौत हो गई। घटना के बाद एसडीएम और नायब तहसीलदार पारस शर्मा को पुलिस ने हिरासत में लेकर राजपुर थाने में शिफ्ट कर दिया है।
विवाद की जड़: अवैध बॉक्साइट और कूटनीति
यह पूरा मामला मगाजी क्षेत्र में चल रहे बॉक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा है। आरोप है कि सत्ताधारी दल के नेताओं और प्रशासनिक संरक्षण में बॉक्साइट का अवैध परिवहन झारखंड किया जा रहा था। रविवार रात जब हंसपुर के पास ग्रामीणों ने एक ट्रक को रोका, तो बौखलाए एसडीएम अपनी निजी गाड़ी और थार में कुछ बाहरी लोगों को लेकर मौके पर पहुँच गए।
खेत से लौट रहे मासूमों पर बरपाया कहर
ट्रक रोकने वाले ग्रामीण तो भाग गए, लेकिन तभी खेत से काम कर लौट रहे रामनरेश राम (62), अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) एसडीएम की नजर में आ गए। आरोप है कि एसडीएम और उनके साथियों ने बिना कुछ पूछे इन तीनों पर पाइप और डंडों से हमला कर दिया। रामनरेश राम की मौके पर ही हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य दो ग्रामीण अब भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
छावनी में तब्दील हुआ कुसमी
घटना के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए कुसमी, सामरी, करौंधा और शंकरगढ़ थानों की पुलिस को तैनात किया गया है। एएसपी विश्वदीपक त्रिपाठी खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा और एसपी वैभव बैंकर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं, हालांकि सीधे तौर पर अधिकारियों की संलिप्तता ने सरकार की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।













