Ravi Shankar Prasad Press Conference : नई दिल्ली : बजट सत्र 2026 के पहले चरण (28 जनवरी से 13 फरवरी) के समापन के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संसदीय मर्यादाओं को तार-तार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का पूरा आचरण न केवल अराजक है, बल्कि वह संवैधानिक प्रक्रियाओं का भी सम्मान नहीं करते हैं।
संसदीय मर्यादा के उल्लंघन का आरोप
रविशंकर प्रसाद ने सदन के भीतर हुई कई घटनाओं का जिक्र करते हुए राहुल गांधी को घेरा:
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पीएम को घेरने की कोशिश: प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस की महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट को घेरने की कोशिश की, जो संसदीय इतिहास में एक ‘काला क्षण’ है।
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स्पीकर का अपमान: भाजपा ने दावा किया कि राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष (ओम बिरला) को ‘यार’ कहकर संबोधित किया, जो पद की गरिमा के विरुद्ध है।
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‘गद्दार’ शब्द का प्रयोग: सदन के भीतर एक सिख केंद्रीय मंत्री (रवनीत सिंह बिट्टू) को ‘गद्दार’ कहने पर भाजपा ने कड़ा ऐतराज जताया और इसे सिखों के प्रति कांग्रेस की नफरत का हिस्सा बताया।
विदेशी धरती पर भारत की छवि खराब करने का दावा
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी लंदन, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देशों में जाकर यह दावा करते हैं कि “भारत में लोकतंत्र खत्म हो गया है।” उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भारत और प्रधानमंत्री मोदी की छवि को धूमिल करना है। प्रसाद ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब जनता का समर्थन नहीं मिलता, तो राहुल गांधी विदेश जाकर विलाप करते हैं।
जनरल नरवणे की किताब पर विवाद
बजट सत्र के दौरान पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के उद्धरणों को लेकर भी भारी हंगामा हुआ। भाजपा ने सवाल उठाया कि जब प्रकाशक (पेंगुइन) ने स्पष्ट कर दिया है कि किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है, तो राहुल गांधी के पास उसकी कॉपी कहाँ से आई? भाजपा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं के ‘लीक’ होने का मामला बताया।
“अहंकार में डूबे हैं राहुल गांधी”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी उस परिवार से आते हैं जहाँ जवाबदेही की कोई परंपरा नहीं रही है। उन्होंने प्रहलाद जोशी की प्रेस ब्रीफिंग में राहुल गांधी के जबरन प्रवेश करने की घटना का भी उल्लेख किया। प्रसाद ने स्पष्ट किया कि यदि राहुल गांधी अलोकतांत्रिक व्यवहार करना चाहते हैं, तो वे अपनी पार्टी के भीतर करें, लेकिन संसद में इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।













