भोपाल : मध्य प्रदेश में 1 मई से डिजिटल जनगणना अभियान शुरू होने जा रहा है, जिसकी तैयारी प्रशासन ने तेज कर दी है। यह प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस होगी और मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह किया जाएगा। राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
हर व्यक्ति के लिए सही जानकारी देना अनिवार्य
जनगणना के दौरान प्रत्येक नागरिक को अपने परिवार, मकान और व्यक्तिगत विवरण की सही जानकारी देना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गलत सूचना देने या जानकारी छिपाने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। इस सख्ती का उद्देश्य सटीक और विश्वसनीय डेटा तैयार करना है, जिससे सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके।
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16 फरवरी से शुरू होगी अफसरों की ट्रेनिंग
डिजिटल जनगणना को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए भोपाल में अधिकारियों की विशेष ट्रेनिंग 16 फरवरी से शुरू होगी। इस महाभियान की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर भुवन गुप्ता को सौंपी गई है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को मोबाइल ऐप के उपयोग, डेटा सुरक्षा और रियल-टाइम अपलोडिंग की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
मोबाइल ऐप से जुटाई जाएगी पूरी जानकारी
सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के जरिए मकानों की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करेंगे। एकत्रित डेटा तुरंत सुरक्षित सरकारी पोर्टल पर अपलोड होगा, जिससे पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
हर 1000 लोगों पर तैनात होगा एक प्रगणक
जनगणना कार्य को प्रभावी बनाने के लिए हर 1000 लोगों पर एक प्रगणक नियुक्त किया जाएगा। अभियान की शुरुआत में प्रगणक सबसे पहले मकान से संबंधित जानकारी दर्ज करेगा, इसके बाद परिवार और व्यक्तिगत विवरण एकत्रित किए जाएंगे।









