Indore Honeytrap News Today : इंदौर (04 फरवरी 2026): इंदौर शहर में हनीट्रैप गिरोह के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे कानून के जानकारों को भी शिकार बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला बाणगंगा थाना क्षेत्र का है, जहां एक पीड़ित अधिवक्ता की शिकायत पर पुलिस ने एक महिला और उसके दो साथियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली का मामला दर्ज किया है।
साजिश: सहानुभूति से शुरू हुई कहानी
अधिवक्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, एक महिला कुछ समय पहले खुद को ‘पीड़ित’ बताकर कानूनी मदद के लिए उनके पास आई थी। क्लाइंट बनकर आई इस महिला ने अपनी बातों से अधिवक्ता की सहानुभूति हासिल की और धीरे-धीरे परिचय बढ़ाकर उनका भरोसा जीत लिया।
ब्लैकमेलिंग: 10 लाख की डिमांड
जैसे ही अधिवक्ता महिला के भरोसे के जाल में फंसे, महिला ने अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। गिरोह ने अधिवक्ता को आपत्तिजनक स्थिति में फंसाने का दावा करते हुए उनसे 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
धमकी: “पैसे नहीं दिए तो कर देंगे बदनाम”
जब अधिवक्ता ने रकम देने से साफ इनकार कर दिया, तो गिरोह ने उन पर दबाव बनाना शुरू किया। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं मिले, तो वे उन पर दुष्कर्म जैसे गंभीर और झूठे आरोप लगाकर उन्हें समाज में बदनाम कर देंगे। मानसिक प्रताड़ना और करियर पर आने वाले खतरे को देखते हुए पीड़ित ने अंततः कानून की शरण ली।
पुलिस की कार्रवाई
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है जो प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाता है। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
यह घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है कि जब कानून के पैरोकार ही इस तरह के सुनियोजित जाल से सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता कितनी असुरक्षित हो सकती है।









