Supriya Shrinate Indore Visit : इंदौर (4 फरवरी 2026)। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने बुधवार को इंदौर में एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण हुई 32 मौतों को लेकर भाजपा सरकार की बुनियादी विफलताओं को उजागर किया।
स्वच्छता के ‘दावों’ पर सवाल सुप्रिया श्रीनेत ने तंज कसते हुए कहा, “जिस इंदौर को आठ बार स्वच्छता में नंबर वन बताकर भाजपा पूरे देश में ढोल पीटती है, उसी शहर में लोग दूषित पानी पीकर जान गंवा रहे हैं। यह महज एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही से हुई सामूहिक हत्या है।” उन्होंने सवाल किया कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्थानीय सांसद शंकर लालवानी पीड़ित परिवारों के बीच क्यों नहीं पहुंचे।
कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें: सुप्रिया श्रीनेत ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए तीन शर्तें रखीं:
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क्षेत्र के विधायक और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें।
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इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
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प्रत्येक मृतक के परिजन को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
राहुल गांधी से मुलाकात पर प्रताड़ना का आरोप कांग्रेस प्रवक्ता ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन परिवारों ने राहुल गांधी से मिलकर अपना दर्द साझा किया, उन्हें स्थानीय स्तर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने इसे संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताया।
राष्ट्रीय मुद्दों पर भी घेरा प्रेस वार्ता में सुप्रिया श्रीनेत ने केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दों पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने संसद में राहुल गांधी के माइक बंद किए जाने के मुद्दे, लोकसभा अध्यक्ष की कार्यप्रणाली और अमेरिका के साथ हुई हालिया ‘ट्रेड डील’ पर भी सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भागीरथपुरा के मुद्दे को कांग्रेस एक बड़े अभियान के रूप में चलाएगी और न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेगी।













