Agrasen College Raipur Umang 2026 : रायपुर (4 फरवरी 2026)। पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय में वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव ‘उमंग 2026’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस उत्सव में छात्रों ने 28 विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में देशभक्ति के साथ-साथ गंभीर सामाजिक मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष प्रस्तुति कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस वर्ष की सबसे विशेष प्रस्तुति ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर आधारित थीम डांस रही। इस प्रस्तुति ने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया और दर्शकों की आँखें नम कर दीं। विधायक सुनील सोनी ने छात्रों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में नैतिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मंच मिलना व्यक्तित्व विकास के लिए अनिवार्य है।
संवेदना और संस्कृति का संगम छात्राओं द्वारा प्रस्तुत ‘महिला उत्पीड़न’ पर आधारित नृत्य नाटिका ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। वहीं, अग्रसेन कला केंद्र की ओर से प्रस्तुत कथक और बांसुरी के वादन ने शास्त्रीय संगीत की सुमधुर छटा बिखेरी। अग्रवाल समाज की केंद्रीय इकाई के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने कहा कि हर छात्र के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए महाविद्यालय एक सशक्त माध्यम है।
मेधावी छात्रों और विशिष्ट विभूतियों का सम्मान उत्सव के दौरान शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों (आयुषी गोलछा, आयुषी शुक्ला, स्नेहा केशरवानी, अनुराग गुप्ता, माही वर्मा और रूपाली अग्रवाल) को मेडल देकर सम्मानित किया गया। साथ ही समाज सेवा, ग्रामीण विकास और चैरिटी कार्यों में योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया।
विजेताओं की घोषणा निर्णायक मंडल ने प्रस्तुतियों के आधार पर विजेताओं का चयन किया:
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सोलो डांस: रुचि विश्वकर्मा (M.Com) और पूजा टांडी (B.Sc.) प्रथम रहे।
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सोलो सॉन्ग: मिष्ठी ओझा (B.Com) और इरफान रजा (BCA) ने बाजी मारी।
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ग्रुप डांस: खुशबू एवं ग्रुप (B.Com) और कीर्ति एवं ग्रुप (योग विभाग) विजेता रहे।
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ड्युएट डांस: प्रीम गांधर्व और मुस्कान की जोड़ियों ने बाजी मारी।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. आकांक्षा दुबे ने किया। अंत में प्राचार्य डॉ. यूलेंद्र राजपूत ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए वार्षिकोत्सव की सफलता के लिए बधाई दी।














