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भोपाल: प्रतिबंधित मांस मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, स्लॉटरहाउस से केस डायरी-DVR जब्त

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भोपाल : भोपाल में प्रतिबंधित मांस मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। जिंसी स्थित बीएमसी स्लॉटरहाउस से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल प्रकरण में गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच की कमान संभालते हुए शुरुआत से पूरे मामले की दोबारा पड़ताल शुरू कर दी है। जांच एजेंसी ने स्लॉटरहाउस से केस डायरी, डीवीआर और अन्य अहम रिकॉर्ड जब्त किए हैं।

SIT द्वारा सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रतिबंधित मांस की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और सप्लाई में कौन-कौन लोग शामिल थे।

स्लॉटरहाउस कर्मचारी और पैकेजिंग यूनिट रडार पर

जांच के दौरान स्लॉटरहाउस के कर्मचारियों के साथ-साथ पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े लोग भी SIT के रडार पर आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर नई कड़ियां जुड़ सकती हैं, जिससे आरोपियों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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असलम कुरैशी से रिमांड पर पूछताछ संभव

इस मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। SIT सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में आवश्यकता पड़ी तो असलम को दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंधित मांस की सप्लाई चेन कहां तक फैली हुई थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

FSL रिपोर्ट ने की प्रतिबंधित मांस की पुष्टि

गौरतलब है कि 17 दिसंबर को पकड़ी गई मांस की खेप की एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) रिपोर्ट में प्रतिबंधित मांस की पुष्टि हो चुकी है। इसके बाद 8 जनवरी को भोपाल नगर निगम ने जिंसी स्थित बीएमसी स्लॉटरहाउस को सील कर दिया था।

नगर निगम अधिकारियों पर भी गिरी गाज

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लापरवाही, निगरानी में चूक और नियमों के उल्लंघन को लेकर निगम स्तर पर आंतरिक जांच भी जारी है।

जांच में और खुलासों की उम्मीद

SIT की जांच अभी शुरुआती दौर में है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी, दस्तावेजी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद कई नए नाम सामने आ सकते हैं। इससे यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।

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