भोपाल: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने धार जिले की भोजशाला में शुक्रवार की नमाज़ के लिए दोपहर 1 से 3 बजे का समय सुरक्षित करने की मांग की है। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए यह अनुरोध किया और कहा कि इस वर्ष बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार के दिन पड़ रहा है।
इस वर्ष बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार को आ रहा है।
पूर्व में भी आया है और केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार धार जिला प्रशासन ने उसे शांति से दोनों पक्षों से मिल कर मनाने की व्यवस्था की थी।
मैं प्रशासन व सरकार से ये कहना चाहूँगा कि ASI द्वारा 2003, 2013 व 2016 में पहले ही अपने दिए…— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) January 21, 2026
विधायक रामेश्वर शर्मा की प्रतिक्रिया
इस पर भोपाल से विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल दिग्विजय सिंह से पूछे। उन्होंने कहा कि राजा भोज परमार वंश के थे और उनकी कुलदेवी मां सरस्वती थीं। इसलिए भोजशाला में सरस्वती पूजा पर आपत्ति क्यों उठाई जा रही है, यह स्पष्ट करना चाहिए।
रामेश्वर शर्मा ने आगे कहा कि ज्ञान की देवी मां सरस्वती सभी को समान रूप से ज्ञान प्रदान करती हैं और किसी भी धर्म विशेष की पूजा में बाधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दिग्विजय सिंह से यह भी पूछा कि क्या वह मां सरस्वती को माता मानते हैं और राजा भोज के हिंदुस्तान में जन्म लेने की बात मानते हैं।
सरकार और प्रशासन की भूमिका
पूर्व में केंद्र सरकार और धार जिला प्रशासन के निर्देशानुसार, भोजशाला में बसंत पंचमी और शुक्रवार की नमाज़ दोनों को शांति से मनाने की व्यवस्था की गई थी। आदेश के अनुसार पूजा सूर्योदय से 1 बजे तक और फिर 3:30 बजे से सूर्यास्त तक होगी। दोपहर 1 से 3 बजे का समय नमाज़ के लिए छोड़ा जाएगा।
विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रशासन से ASI द्वारा पारित आदेश का पूर्ण पालन और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने सांप्रदायिक उन्माद और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की।
सांप्रदायिक सौहार्द पर जोर
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हिंदू और मुस्लिम भाईचारा बनाए रखना इस स्थिति में सबसे बड़ी जरूरत है। प्रशासन को आदेश का पालन कर, सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और किसी भी तरह के विवाद को रोकने के लिए सजग रहना होगा।













