बिलासपुर : बिलासपुर हाईकोर्ट में दुर्ग नगर निगम से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नगर निगम कमिश्नर द्वारा एक कर्मचारी से निजी काम करवाने के आरोप लगे हैं। याचिकाकर्ता कर्मचारी का दावा है कि कमिश्नर ने उसे व्हाट्सऐप के जरिए मूवी टिकट बुक कराने, चावल और फल लाने से लेकर बंगले के वाई-फाई का रिचार्ज तक कराने के निर्देश दिए। बाद में उसी कर्मचारी को निलंबित कर सेवा से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका
कर्मचारी ने अधिवक्ता संदीप दुबे और मानस वाजपेयी के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। याचिका के साथ व्हाट्सऐप चैट की प्रतियां भी पेश की गईं, जिन्हें आधार बनाकर कमिश्नर की कार्रवाई को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
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जांच प्रक्रिया पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
मामले की सुनवाई जस्टिस पी.पी. साहू की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी ने आरोपों को सिद्ध करने के लिए किसी भी गवाह से पूछताछ नहीं की। आरोप पत्र और जांच रिपोर्ट की प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण मानते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर स्टे दे दिया है।
आरोप पत्र और जांच रिपोर्ट को दी गई चुनौती
याचिकाकर्ता ने 18 सितंबर 2025 को जारी आरोप पत्र और 6 अक्टूबर 2026 की जांच रिपोर्ट को चुनौती दी है। कर्मचारी ने बताया कि वह 2014 में चपरासी नियुक्त हुआ था और 2019 में सहायक ग्रेड-तृतीय के पद पर पदोन्नत हुआ। उस पर अवैध नियुक्तियों और पदोन्नति से जुड़े आरोप लगाए गए, जिन्हें उसने पूरी तरह निराधार बताया है।
चैट में सामने आईं चौंकाने वाली मांगें
हाईकोर्ट में पेश की गई चैट में लाल अंगूर लाने, 10 किलो विशेष चावल, ‘धुरंधर’ फिल्म की कार्नर सीट टिकट बुक कराने और एमआईसी बैठक रद्द करने जैसे संदेश सामने आए हैं। अब यह मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
हाईकोर्ट ने निगम कमिश्नर और राज्य शासन को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।











