CG DA Hike : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ के त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन में महंगाई भत्ता (डीए) 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने की घोषणा की। इस फैसले से प्रदेश के लगभग पांच लाख कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा और अब राज्य कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर डीए प्राप्त होगा।
CG DA Hike : गौरतलब है कि इससे पहले पांच महीने पूर्व राज्य सरकार ने दो प्रतिशत डीए बढ़ाया था। ताजा निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 540 करोड़ रुपये का वार्षिक अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
CG DA Hike : कर्मचारी शासन-प्रशासन की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री साय
राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में आयोजित अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कर्मचारी शासन और प्रशासन की रीढ़ होते हैं। उनकी ईमानदारी, कर्मठता और संवेदनशीलता के बल पर ही सरकारी योजनाएं और नीतियां धरातल पर उतरती हैं। कर्मचारियों की निष्ठा और अनुशासन के कारण ही छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा प्रभावी रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में डीए में यह वृद्धि कर्मचारियों को वास्तविक राहत देगी और यह सरकार की कर्मचारी-हितैषी नीति का प्रमाण है।
CG DA Hike : दो वर्षों में प्रशासनिक व्यवस्था बनी अधिक पारदर्शी
CG DA Hike : मुख्यमंत्री साय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारू और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है।
CG DA Hike : सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन व्यवस्था को मजबूती मिली है। इसके साथ ही पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
CG DA Hike : तकनीक और प्रशिक्षण से बढ़ी कर्मचारियों की कार्यक्षमता
CG DA Hike : मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना और पेंशन फंड विधेयक के विधानसभा से पारित होने से कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत कानूनी आधार मिला है। ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त किया गया है। साथ ही, प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए कर्मचारियों को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।











