Obscene Dance Controversy CG : गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता परोसने और उसे बढ़ावा देने वाले अधिकारियों पर बड़ी गाज गिरी है। मैनपुर के एसडीएम तुलसी दास मरकाम को पद से हटाते हुए कलेक्टोरेट अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने उन वायरल वीडियो के सामने आने के बाद की है, जिनमें एसडीएम खुद अश्लील डांस का आनंद लेते नजर आ रहे थे।
क्या है पूरा मामला? मामला देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव का है, जहां 6 दिवसीय ओपेरा (सांस्कृतिक कार्यक्रम) के आयोजन की अनुमति ली गई थी। आयोजन समिति ने मनोरंजन का वास्ता देकर एसडीएम से अनुमति प्राप्त की थी, लेकिन कार्यक्रम के तीसरे दिन से ही मर्यादाएं तार-तार होने लगीं। ओडिशा से बुलाई गई बार डांसरों ने मंच पर अर्धनग्न अवस्था में अश्लील नृत्य किया।
अफसरों और पुलिसकर्मियों ने उड़ाए पैसे हैरानी की बात यह रही कि इस अश्लील आयोजन के दौरान खुद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि न केवल एसडीएम कार्यक्रम में बैठे थे, बल्कि कुछ पुलिसकर्मी और रसूखदार लोग डांसरों पर खुलेआम पैसे भी लुटा रहे थे। मीडिया में खबर प्रमुखता से आने के बाद शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया।
कड़ी कार्रवाई की जद में अधिकारी और आयोजक कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मरकाम को कारण बताओ नोटिस (Show-cause notice) जारी किया है। साथ ही, अपर कलेक्टर के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की गई है जो पूरे मामले की रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपेगी। वहीं, पुलिस विभाग ने भी सख्त रुख अपनाते हुए वीडियो में दिख रहे दो पुलिसकर्मियों को तत्काल लाइन अटैच कर दिया है।
पुलिस ने लिखित शिकायत के आधार पर आयोजन समिति के सदस्यों—देवानंद राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू और हसन डाडा के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। प्रशासन ने 10 जनवरी को ही इस विवादित आयोजन को बंद करवा दिया था।











