नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में कथित कोयला तस्करी से मिली अवैध कमाई में से लगभग 20 करोड़ रुपये हवाला नेटवर्क के जरिए कोलकाता से गोवा भेजे गए। एजेंसी के अनुसार यह राशि I-PAC के गोवा कार्यालय तक पहुंची, जिसका उपयोग 2021-22 के गोवा विधानसभा चुनावों में राजनीतिक अभियान और इवेंट मैनेजमेंट में हुआ।
हवाला लेनदेन की परत-दर-परत जांच
ED ने बताया कि रकम को छह अलग-अलग चरणों में स्थानांतरित किया गया, ताकि कोई स्पष्ट ट्रेल न बने। जांच में यह सामने आया कि धन पहले नई दिल्ली की एक NBFC कंपनी के पूर्व निदेशक तक पहुंचा, फिर ‘मुन्ना’ नामक शख्स के माध्यम से कोलकाता की हवाला फर्म के मैनेजर तक गया। इस मैनेजर ने अपने बयान में 2021-22 में गोवा में नकद डिलीवरी की पुष्टि की।
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गोवा में राजनीतिक फंडिंग में उपयोग
एजेंसी का दावा है कि नकद राशि गोवा में I-PAC के इवेंट्स और कैंपेन संचालन में लगी। ED ने बताया कि I-PAC के सह-संस्थापक प्रतीक जैन ने इस ऑपरेशन की निगरानी की। इसी आधार पर 8 जनवरी को नई दिल्ली और कोलकाता में 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
कथित कोयला तस्करी का स्रोत
ED ने कहा कि धन का स्रोत कोयला तस्करी था, जिसका संचालन अनूप माजी कर रहा था। आरोप है कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के परिसरों से अवैध खनन और चोरी की गई कोयला राशि बांकुड़ा, पूर्व बर्धमान, पुरुलिया और अन्य जिलों में बेची गई।
जांच जारी और अदालत में पुष्टि बाकी
ED के अनुसार सभी आरोप फिलहाल जांचाधीन हैं। एजेंसी ने कहा कि मनी ट्रेल, हवाला नेटवर्क और राजनीतिक फंडिंग के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी रहेगी और अदालत में सबूत पेश किए जाएंगे।











