Inder Singh Parmar Shajapur : शाजापुर। जिले के ग्राम बड़ीगांव में स्वामी रामानंदाचार्य के प्राकट्य उत्सव के अवसर पर भव्य संत समागम का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक समागम में सामाजिक समरसता और सनातन धर्म की एकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा कैबिनेट मंत्री इंदर सिंह परमार ने समाज से जातिगत भेदभाव मिटाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ का त्याग करने का आह्वान किया।
संत समागम को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर मनमोहन दास (राधे-राधे बाबा) ने कहा कि स्वामी रामानंदाचार्य वैष्णव भक्तिधारा के वह महान संत हैं, जिन्होंने हिंदू धर्म को संगठित करने का ऐतिहासिक कार्य किया। कबीर और रविदास जैसे महान संत उनके शिष्य रहे, जो यह सिद्ध करता है कि उनकी दृष्टि में कोई छोटा या बड़ा नहीं था।
कैबिनेट मंत्री की भावुक अपील: “भेदभाव मुक्त हो मंदिर और श्मशान” कार्यक्रम में मंत्री इंदर सिंह परमार ने सामाजिक एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि भारत की मूल परंपरा समरसता की है। उन्होंने हाथ जोड़कर संतों और ग्रामीणों से प्रार्थना करते हुए कहा, “मुझे भीख में यह वचन दे दो कि गांव के मंदिर और श्मशान सबके लिए एक होंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर में किसी भी जाति या पंथ के व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं होना चाहिए और न ही श्मशान में अंतिम संस्कार को लेकर कोई भेदभाव होना चाहिए। हमें दुनिया के सामने एक सशक्त हिंदू समाज के रूप में खड़ा होना है।
कैंसर से बचाव के लिए ‘बर्तन बैंक’ की पहल पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाते हुए मंत्री परमार ने सिंगल यूज प्लास्टिक (पॉलिथीन) के खतरों से आगाह किया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां फैल रही हैं। इस दौरान उन्होंने बड़ीगांव में ‘बर्तन बैंक’ बनाने की घोषणा की और अपनी ओर से 1000 स्टील की थाली और 1000 गिलास देने का वादा किया, ताकि गांवों में कार्यक्रमों के दौरान प्लास्टिक के डिस्पोजल का उपयोग बंद हो सके। उन्होंने कहा कि जिस तरह हमने अंग्रेजों और उनकी शिक्षा पद्धति को विदा किया, वैसे ही प्लास्टिक को भी जीवन से बाहर करना होगा।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री परमार ने स्वयं अपने हाथों से संतों को भोजन प्रसादी वितरित कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संत, भाजपा पदाधिकारी और ग्रामीण जन उपस्थित रहे।









