Bhagirathpura Crisis Indore : इंदौर: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में उपजे संकट के बाद अब इस मामले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने क्षेत्र में पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस द्वारा रोके जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस कार्रवाई को ‘अलोकतांत्रिक और निंदनीय’ करार देते हुए घोषणा की है कि वे स्वयं कल भागीरथपुरा का दौरा करेंगे और जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक आधिकारिक मीडिया बाइट जारी करते हुए कहा कि इंदौर के प्रशासन द्वारा कांग्रेस नेताओं को पीड़ितों से मिलने से रोकना यह दर्शाता है कि सरकार कुछ छिपाने की कोशिश कर रही है। सिंघार ने कहा, “लोकतंत्र में विपक्ष का यह अधिकार और कर्तव्य है कि वह संकट में फंसी जनता की आवाज उठाए। कांग्रेस नेताओं को रोकना बेहद निंदनीय है और सरकार की दमनकारी नीति का परिचायक है।”
सिंघार ने स्पष्ट किया कि भागीरथपुरा के नागरिकों पर आए इस संकट की घड़ी में कांग्रेस पार्टी मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि कल वे खुद भागीरथपुरा पहुँचेंगे और वहां के निवासियों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी का हर छोटा-बड़ा कार्यकर्ता और शीर्ष नेतृत्व भागीरथपुरा के नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
इंदौर का भागीरथपुरा क्षेत्र पिछले कुछ दिनों से तनाव और संकट के दौर से गुजर रहा है, जिसके बाद कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाया है। स्थानीय प्रशासन का तर्क है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नेताओं के प्रवेश पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे। हालांकि, उमंग सिंघार के इस ऐलान के बाद प्रशासन और पुलिस के लिए कल का दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
नेता प्रतिपक्ष के इस सख्त रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में इंदौर का यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहने वाला है। कांग्रेस अब इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रही है, जिसकी शुरुआत सिंघार के कल के प्रस्तावित दौरे से होगी।









