Baikunthpur Water Crisis : बैकुंठपुर (कोरिया): नगर पालिका क्षेत्र में जल आवर्धन योजना के क्रियान्वयन में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। शहर के कई वार्डों में पीने के पानी की पाइपलाइन को सीधे गंदी नालियों के बीच से गुजार दिया गया है। हालात यह हैं कि कॉस्ट आयरन के पाइप दिन-रात नाली के कीचड़ और गंदे पानी में डूबे रहते हैं, जिससे जंग लगने या लीकेज होने पर गंदा पानी सीधे घरों की टोंटियों तक पहुंच रहा है।
चेतावनी के बाद भी अधिकारियों ने साधी चुप्पी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब नाली निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था, तभी उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। मौखिक और लिखित शिकायतों के बावजूद ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे अनसुना कर दिया। अब स्थिति यह है कि हल्की सी भी तकनीकी चूक बैकुंठपुर में इंदौर जैसी जल त्रासदी (जहाँ दूषित पानी से मौतें हुईं) को जन्म दे सकती है।
बीमारियों का बढ़ा खतरा
जानकारों का मानना है कि नाली के भीतर पाइपलाइन होने से डायरिया, पीलिया और टायफाइड जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा 100% बढ़ गया है। स्थानीय निवासी आशीष डवरे ने बताया कि प्रशासन लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है।
नगर पालिका का पक्ष: “कार्रवाई करेंगे”
इस गंभीर लापरवाही पर जब बैकुंठपुर नगर पालिका सीएमओ संजय दुबे से सवाल किया गया, तो उन्होंने माना कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे या मौतों का इंतजार क्यों कर रहा है?











