Rice Mill Registration Scam : मनेन्द्रगढ़: खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत राइस मिलों के पंजीयन में पारदर्शिता को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। गोयल एग्रो केवटी राइस मिल के भौतिक सत्यापन में गंभीर चूक और तथ्यों को छिपाने के मामले में केल्हारी की खाद्य निरीक्षक ममता भगत को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी किया गया है।
निरीक्षण में ‘बाजीगरी’: जॉइंट टीम ने पकड़ी गलती
मामला तब शुरू हुआ जब गोयल एग्रो ने 11 दिसंबर 2025 को पंजीयन के लिए आवेदन किया। खाद्य निरीक्षक ममता भगत ने 15 दिसंबर को मिल का भौतिक सत्यापन किया और अपनी रिपोर्ट पेश की। लेकिन जब 22 दिसंबर को केल्हारी और भरतपुर के अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) की संयुक्त टीम ने दोबारा निरीक्षण किया, तो वहां कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं।
हैरानी की बात यह है कि संयुक्त टीम को जो कमियां मिलीं, उनका जिक्र खाद्य निरीक्षक की पहली रिपोर्ट में कहीं नहीं था। इसे विभाग ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही और उच्च अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास माना है।
3 दिन का अल्टीमेटम: सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई
कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा ने इस चूक को सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन माना है। नोटिस में स्पष्ट पूछा गया है कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को प्रतिवेदन में क्यों छिपाया गया?
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समय सीमा: 3 दिनों के भीतर बिंदुवार स्पष्टीकरण देना होगा।
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चेतावनी: जवाब संतोषजनक न होने पर एकपक्षीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद जिले के अन्य खाद्य निरीक्षकों और मिल संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मिल पंजीयन और धान उठाव की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।













