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Singrauli News : PG कॉलेज की जमीन पर अतिक्रमण का मामला : 31 दिसंबर तक घर खाली करने का अल्टीमेटम, दहशत में सैकड़ों परिवार

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Singrauli News : सिंगरौली (बैढ़न)। जिला मुख्यालय के नगर निगम वार्ड क्रमांक 41 में स्थित पीजी कॉलेज की भूमि पर बने आवासों को लेकर विवाद अब चरम पर पहुँच गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपने मकान न तोड़ने की गुहार लगाई। पीड़ितों का कहना है कि वे दशकों से यहाँ रह रहे हैं और अब अचानक उन्हें बेघर करने की तैयारी की जा रही है।

कलेक्ट्रेट पहुँचे पीड़ित परिवारों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वे पिछले 20 से 25 वर्षों से इस भूमि पर कच्चे और पक्के मकान बनाकर रह रहे हैं। उनके पास बिजली और पानी के वैध कनेक्शन हैं और वे नियमित रूप से नगर निगम में भवन कर (House Tax) भी जमा कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किश्त की राशि भी मिल चुकी है। रहवासियों का आरोप है कि एक तरफ सरकार पट्टा देने का वादा करती है और दूसरी तरफ तहसील कार्यालय से अतिक्रमण हटाने के नोटिस भेजकर डराया जा रहा है।

तहसीलदार का पक्ष: 31 दिसंबर तक की मोहलत इस पूरे मामले पर तहसीलदार सविता यादव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि संबंधित भूमि उच्च शिक्षा विभाग (PG कॉलेज) की है। सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। तहसीलदार ने बताया कि सभी कब्जाधारियों को 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है। यदि तय समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन नियमानुसार बलपूर्वक कार्यवाही करेगा।

भूमिहीनों को मिल सकती है राहत हालांकि, तहसीलदार ने मानवीय पक्ष रखते हुए यह भी कहा कि यदि जांच के दौरान कोई ऐसा परिवार पाया जाता है जिसके पास रहने के लिए वास्तव में कोई दूसरी जमीन या ठिकाना नहीं है, तो प्रशासन उन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। ऐसे पात्र लोगों को अन्यत्र विस्थापित या स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

फिलहाल, 31 दिसंबर की समय सीमा को लेकर क्षेत्र में भारी तनाव और भय का माहौल है। गरीब मजदूर परिवारों का कहना है कि यदि उनके सिर से छत छिन गई, तो वे सड़क पर आ जाएंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन कॉलेज की जमीन को बचाने और गरीबों के आशियाने को सुरक्षित रखने के बीच क्या बीच का रास्ता निकालता है।

सुनीता जयसवाल व अन्य पीड़ित: “हम मजदूर लोग हैं, पाई-पाई जोड़कर घर बनाया है। अब मकान तोड़ देंगे तो हम बच्चों को लेकर कहाँ जाएंगे?”

सविता यादव (तहसीलदार): “शिक्षा विभाग की भूमि खाली कराना अनिवार्य है। नोटिस जारी कर दिए गए हैं, लेकिन भूमिहीनों के पुनर्वास पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।”

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VIKASH KHALKHO
VIKASH KHALKHO
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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