विशाखापटनम : विशाखापटनम के पास बड़ा रेल हादसा सामने आया है। टाटानगर–एर्नाकुलम एक्सप्रेस के दो एसी डिब्बों में अचानक आग लगने से एक यात्री की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सैकड़ों यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना विशाखापटनम से करीब 66 किलोमीटर दूर यलमंचिली स्टेशन के पास देर रात हुई। रेलवे और पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आधी रात को लगी आग, मची अफरातफरी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रात 12:45 बजे ट्रेन के दो कोचों में आग लगने की सूचना मिली। उस वक्त एक डिब्बे में 82 यात्री और दूसरे में 76 यात्री सवार थे। आग की लपटें और धुआं फैलते ही यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। तत्काल इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को मौके पर भेजा गया।
बी1 कोच से मिला शव
अधिकारियों ने बताया कि बी1 एसी कोच से एक यात्री का शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान चंद्रशेखर सुंदरम के रूप में हुई है। आग से क्षतिग्रस्त दोनों डिब्बों को ट्रेन से अलग कर दिया गया, जिसके बाद ट्रेन को एर्नाकुलम की ओर रवाना किया गया। प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उनके गंतव्य तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
फोरेंसिक जांच में जुटी दो टीमें
आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दो फोरेंसिक टीमें जांच में जुटी हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।
ट्रेनों में फायर डिटेक्शन सिस्टम पर जोर
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद रेलवे अब सुरक्षा तकनीक को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल ने 157 एसी कोचों में फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाया है। डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता के मुताबिक, पहले चरण में लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी कोचों को कवर किया जा रहा है, ताकि आग या धुएं की स्थिति में तुरंत अलर्ट मिल सके।
हालिया रेल दुर्घटनाओं से बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि इससे पहले बिहार के जमुई में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी, जिसमें कई डिब्बे पलट गए और कुछ नदी में जा गिरे थे। हालांकि उस हादसे में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन रेल सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़े हुए।













