Bronco Test : BCCI का नया कदम: यो-यो के बाद अब ‘ब्रोंको टेस्ट’ से जांची जाएगी खिलाड़ियों की फिटनेस

Sanjay Sahu
Bronco Test

Bronco Test : इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही, लेकिन भारतीय टीम इस सीरीज को जीत सकती थी. खराब फील्डिंग और कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस समस्याओं के कारण टीम यह मौका चूक गई.

 

Bronco Test : विशेष रूप से लीड्स टेस्ट मैच में खराब फील्डिंग ने टीम के लिए मुश्किलें खड़ी कीं. तेज गेंदबाज आकाश दीप और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस भी सवालों के घेरे में रही, जबकि जसप्रीत बुमराह ने वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण सिर्फ तीन टेस्ट मैच खेले. इस स्थिति को देखते हुए, भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों की फिटनेस में सुधार के लिए एक नया मानदंड पेश किया है, जिसे ब्रोंको टेस्ट कहते हैं.

Bronco Test : क्या है ब्रोंको टेस्ट?

Bronco Test : ब्रोंको टेस्ट एक स्टैमिना (सहनशक्ति) और स्पीड (गति) का टेस्ट है. इसमें खिलाड़ी को बिना रुके पांच सेट पूरे करने होते हैं, जिसमें हर सेट में 20 मीटर, 40 मीटर और 60 मीटर की दौड़ शामिल होती है. भारतीय खिलाड़ियों को इस टेस्ट को 6 मिनट के भीतर पूरा करना होगा. इस दौरान वे कुल 1200 मीटर की दूरी तय करते हैं. इस टेस्ट का उद्देश्य खिलाड़ियों को जिम में अधिक समय बिताने के बजाय ज्यादा दौड़ने के लिए प्रेरित करना है.

Bronco Test : यह नया टेस्ट भारतीय टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स द्वारा सुझाया गया था और इसे हेड कोच गौतम गंभीर का भी समर्थन मिला. यह ब्रोंको टेस्ट पहले से मौजूद यो-यो टेस्ट और 2 किमी टाइम ट्रायल के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस का मूल्यांकन करने के लिए एक अतिरिक्त मानदंड होगा.

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