भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस में आपसी खींचतान और संगठनात्मक असमंजस एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। इस बार विवाद का केंद्र बना है प्रवक्ताओं के चयन के लिए प्रस्तावित टैलेंट हंट कार्यक्रम, जिसे लेकर पार्टी के अलग-अलग पदाधिकारियों द्वारा जारी किए गए पत्रों ने भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है।
एक ही कार्यक्रम, अलग-अलग नियम
जानकारी के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष मुकेश नायक ने प्रवक्ताओं के चयन के लिए 13 सदस्यीय टैलेंट हंट कमेटी का गठन किया था। इसके तहत पूरे प्रदेश को 6 क्लस्टर में बांटकर चयन प्रक्रिया तय की गई थी।
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मीडिया विभाग ने किया समिति को निरस्त
हालांकि, इस समिति को मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के प्रभारी महासचिव अभय तिवारी ने यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि यह समिति विभागीय प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। इसके बाद टैलेंट हंट कार्यक्रम को लेकर स्थिति और अधिक उलझ गई।
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पहले भी बन चुकी है कमेटी
इससे पहले 09 दिसंबर को संगठन प्रभारी महासचिव संजय कामले ने भी टैलेंट हंट कार्यक्रम को लेकर एक अलग कमेटी के गठन का पत्र जारी कर दिया था। यानी एक ही उद्देश्य के लिए पार्टी के भीतर तीन अलग-अलग स्तरों पर फैसले लिए गए।
समन्वय की कमी उजागर
इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस संगठन में आपसी सामंजस्य और स्पष्ट नेतृत्व की कमी को उजागर कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे अंदरूनी मतभेद पार्टी की सार्वजनिक छवि और आगामी रणनीतियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।













