Singrauli Nagar Nigam : सिंगरौली: नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 34 में पार्षद पद के लिए होने वाले उपचुनाव ने अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। नामांकन के अंतिम दिन भाजपा प्रत्याशी अशोक सिंह के पर्चा दाखिल करने के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने भाजपा के मंत्री और स्थानीय नेताओं पर आदर्श आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया है। इस मामले में कांग्रेस ने जिला प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग तक शिकायत पहुँचा दी है।
कलेक्ट्रेट परिसर में शक्ति प्रदर्शन का आरोप: कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश की राज्यमंत्री राधा सिंह और भाजपा जिला अध्यक्ष की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी के झंडों, ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में दाखिल हुए। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय जैसे प्रतिबंधित और संवेदनशील क्षेत्र के भीतर तक राजनीतिक नारेबाजी की गई, जो चुनावी आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। कांग्रेस का कहना है कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेता मर्यादाएं भूल चुके हैं।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल: इस पूरे विवाद में स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली भी कांग्रेस के निशाने पर है। पार्टी का आरोप है कि जब एक आम प्रत्याशी के लिए समर्थकों की संख्या और जुलूस को लेकर कड़े नियम लागू होते हैं, तो भाजपा के मंत्री और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट के भीतर तक प्रवेश की छूट कैसे मिली? कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस इस पूरे ड्रामे के दौरान मूकदर्शक बनी रही, जिससे निष्पक्ष चुनाव की संभावनाओं पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
कार्रवाई की मांग: कांग्रेस ने जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और भाजपा प्रत्याशी का नामांकन निरस्त करने की मांग की है। साथ ही, मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि यदि सत्ता पक्ष के नेताओं पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए घातक होगा। फिलहाल, इस घटना के बाद सिंगरौली की राजनीति में तनाव और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।













