Monday, October 5, 2026
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CG Police Recruitment : सैकड़ों अभ्यर्थी पहुंचे हाईकोर्ट, नतीजों में अनियमितता और पारदर्शिता की कमी का आरोप

Bilaspur News
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CG Police Recruitment : रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाल ही में घोषित पुलिस भर्ती के परिणामों को लेकर विवाद गहरा गया है। चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए गुरुवार को प्रदेशभर से आए सैकड़ों अभ्यर्थियों ने बिलासपुर हाईकोर्ट में सामूहिक रूप से याचिकाएं दायर की हैं। अभ्यर्थियों ने अदालत से पूरी भर्ती प्रक्रिया की न्यायिक जांच की मांग की है और मांग की है कि जांच पूरी होने तक नियुक्ति आदेश जारी न किए जाएं।

CG Police Recruitment : अभ्यर्थियों का कहना है कि घोषित नतीजों में कई गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। उनका मुख्य आरोप है कि कई जिलों में समान कैटेगिरी (Same Category) में कम अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों का चयन कर लिया गया है, जबकि उनसे अधिक अंक पाने वाले कई योग्य अभ्यर्थियों को चयन सूची से बाहर कर दिया गया है। यह विसंगति कई जिलों की मेरिट लिस्ट में देखने को मिली है, जिसने चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

CG Police Recruitment : इसके अलावा, अभ्यर्थियों ने एक और बड़ी तकनीकी अनियमितता का दावा किया है। उनका कहना है कि एक ही जिले में कुछ उम्मीदवारों के नाम सामान्य वर्ग (General) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) दोनों की प्रतीक्षा सूची (Waiting List) में शामिल कर दिए गए हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि यह स्थिति नियमों के बिल्कुल खिलाफ है और स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि मेरिट लिस्ट तैयार करने में घोर तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही बरती गई है।

CG Police Recruitment : अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में आग्रह किया है कि अदालत तुरंत इस मामले का संज्ञान ले और जब तक चयन प्रक्रिया की गहन जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक राज्य सरकार को नियुक्ति आदेश जारी करने से रोका जाए। उनका तर्क है कि यदि नियुक्ति जारी कर दी गई तो इससे योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ेगा, और बाद में सुधार या पुनर्विचार करना बेहद कठिन हो जाएगा।

CG Police Recruitment : इस मामले को लेकर उम्मीदवारों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने महीनों तक फिजिकल, लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन जैसी सभी प्रक्रियाएं पूरी की हैं, लेकिन परिणामों में इस तरह की असंगतियां सामने आने से वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की याचिका पर अब हाईकोर्ट में जल्द ही सुनवाई होने की संभावना है, जिसके बाद कोर्ट इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण निर्देश दे सकता है। मामले के बढ़ते विवाद को देखते हुए राज्य पुलिस मुख्यालय और भर्ती बोर्ड पर अब अपनी ओर से स्पष्टीकरण देने का दबाव बढ़ गया है।

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