Toll and hawala scams : जबलपुर। करोड़ों की अवैध वसूली, हवाला ट्रांजेक्शन और टोल टैक्स घोटाले के मास्टरमाइंड अमित खम्परिया उर्फ ‘चिटलर अमित’ की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को रिमांड के दौरान चौंकाने वाले खुलासे मिल रहे हैं। तीन दिन की रिमांड पर लिए गए खम्परिया की स्वीकारोक्तियों के आधार पर पुलिस ने सोमवार को जबलपुर और सतना में ताबड़तोड़ दबिश दी, जिससे उसके पूरे संगठित नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
जबलपुर ऑफिस पर छापा: डिजिटल दस्तावेज जब्त
सोमवार सुबह पुलिस की विशेष टीम ने खम्परिया के जबलपुर स्थित ऑफिस पर अचानक छापा मारा। करीब दो घंटे तक चली सघन तलाशी के बाद ऑफिस को सील कर दिया गया। इस दौरान पुलिस को कई अहम डिजिटल दस्तावेज, लेजर, फाइलें, यूएसबी डिवाइस और कंप्यूटर हार्ड डिस्क मिली हैं। सूत्रों के अनुसार, इन बरामद दस्तावेजों से फर्जी कंपनियों के नाम, उधारी के नाम पर ठगी के मॉड्यूल और टोल कलेक्शन से जुड़े संदिग्ध रजिस्टर मिले हैं, जिनके माध्यम से हवाला और वसूली नेटवर्क की पुष्टि होने की उम्मीद है।
Toll and hawala scams : सतना में लाइसेंसी पिस्टल और करोड़ों के आभूषण बरामद
पुलिस की दूसरी टीम ने सतना में खम्परिया के घर पर भी दबिश दी। तलाशी के दौरान घर से एक लाइसेंसी पिस्टल बरामद की गई है, जिसकी वैधता और उपयोग की पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा, पुलिस ने लाखों रुपये के संदिग्ध दस्तावेज, सोने-चांदी के आभूषण, नोटबुक, सीसीटीवी डीवीआर और कुछ मुहरबंद पैकेट भी जब्त किए हैं। इन सभी जब्त सामग्रियों की अब फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
नागपुर-मुंबई तक फैले नेटवर्क का खुलासा
रिमांड के दौरान खम्परिया ने कबूल किया है कि उसके पास फर्जी पहचान पत्रों का व्यापक नेटवर्क, हवाला चैनलों से संपर्क और मध्य प्रदेश के कई जिलों में कलेक्शन पॉइंट्स थे। पुलिस अब जब्त दस्तावेजों के आधार पर उसके एजेंटों और पार्टनर्स की सूची तैयार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, नागपुर और मुंबई के दो एजेंटों के नाम पहले ही सामने आ चुके हैं, जिनके मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजेक्शन से कई चौंकाने वाले लिंक जुड़ रहे हैं।
Toll and hawala scams : कई बड़े नामों पर शिकंजा कसने की तैयारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) जितेंद्र सिंह के अनुसार, जब्त सामग्री से केस का दायरा और बड़ा हो गया है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि अगले 48 घंटों में कई बड़े नामों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। जांच टीम अब जबलपुर, सतना, मंडला और नागपुर में और भी ठिकानों पर दबिश देने की योजना बना रही है। अफसरों का कहना है कि यह एक संगठित और व्यापक नेटवर्क है, जिसकी हर कड़ी की जांच कर सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। अमित खम्परिया की गिरफ्तारी भले ही इस रैकेट की शुरुआत हो, लेकिन पुलिस की आक्रामक कार्रवाई ने इस पूरे अवैध नेटवर्क की नींव हिला दी है।













