Karnataka में CM बदलने की अटकलें खत्म! शिवकुमार को झटका… सिद्धारमैया के पास मजबूत बहुमत

Rahul Goshwami
डीके शिवकुमार नहीं बनेंगे कर्नाटक के सीएम!

बेंगलुरु : कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सियासी खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में है। जानकारी दें कि, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को लंबे समय से सीएम पद का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन कांग्रेस आलाकमान की ओर से अभी तक किसी तरह की सहमति नहीं मिलने के कारण उन्हें फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाईकमान ने साफ संकेत दिया है कि वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपनी कुर्सी पर बने रहेंगे।

पार्टी के अंदरूनी समीकरणों में सिद्धारमैया अभी भी मजबूत स्थिति में हैं। कहा जा रहा है कि उनके पास कांग्रेस के 136 विधायकों में से 100 से अधिक का समर्थन है। ऐसे में उनके पद छोड़ने की संभावनाएं बेहद कम हैं। सिद्धारमैया को कर्नाटक में सामाजिक समीकरणों, पार्टी की पकड़ और सरकारी कामकाज की वजह से भी एक मज़बूत नेता माना जाता है।

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कर्नाटक कांग्रेस के भीतर बढ़ते तनाव को देखते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी से कहा है कि 8 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले इस विवाद को हल कर दिया जाए। हाईकमान की चिंता यह है कि यदि मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद बढ़ता है, तो विपक्ष को कांग्रेस पर हमले का मौका मिलेगा।

पिछले कुछ महीनों में डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच ठंडा संघर्ष लगातार देखा गया है। हालांकि, दोनों नेताओं ने सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे के खिलाफ कोई बयान देने से बचते हुए संयम दिखाया है। यही वजह है कि मामला अभी खुले राजनीतिक संघर्ष में नहीं बदला है। अंदरूनी तौर पर डीके शिवकुमार समर्थक बार-बार इस बात की याद दिलाते रहे हैं कि 2023 विधानसभा चुनाव से पहले सीएम पद के लिए ‘रोटेशन फार्मूला’ की चर्चा हुई थी।

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कांग्रेस के अंदर इस विवाद को लेकर चिंता इसलिए भी है क्योंकि कर्नाटक फिलहाल पार्टी को सबसे अधिक राजनीतिक और आर्थिक ताकत देता है। ऐसे में हाईकमान इस राज्य में किसी भी तरह की अस्थिरता नहीं चाहता। पार्टी आलाकमान का झुकाव इस समय सिद्धारमैया की ओर अधिक है, क्योंकि वे प्रशासनिक अनुभव और विधायकों में मजबूत पकड़ रखते हैं।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि राहुल गांधी दोनों नेताओं के बीच संतुलन बैठाने के लिए क्या फार्मूला निकालते हैं। फिलहाल इतना साफ है कि डीके शिवकुमार को सीएम की कुर्सी के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।

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