कृष्णा नायक/सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को माओवादी विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। आज, 48 लाख रुपये के ईनामी 15 सक्रिय माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 5 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जिनमें PLGA बटालियन नंबर 01 के 4 शीर्ष हार्डकोर माओवादी भी शामिल हैं, जिन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ शासन की ”छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति”, “पुना मार्गेम” एवं “नियद नेल्ला नार” योजनाओं और अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार स्थापित हो रहे नवीन सुरक्षा कैंपों के बढ़ते दबाव का परिणाम है।
वरिष्ठ अधिकारियों के सामने किया आत्मसमर्पण
सोमवार, 24 नवंबर 2025 को इन सभी माओवादियों ने समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी किरण चव्हाण की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया। इस दौरान कमांडेंट कमलेश कुमार (02 री वाहिनी सीआरपीएफ), द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश सिंह पायल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पद इस प्रकार हैं:
- पीएलजीए प्लेटून पार्टी कमेटी मेंबर (PPCM): 04
- एरिया कमेटी मेंबर (ACM): 02
- पार्टी सदस्य: 03
- अन्य अग्र संगठन (जनताना सरकार, बाल संघम, मिलिशिया सदस्य): 06
आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादी (₹48 लाख इनाम)
सुरक्षाबलों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे और कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं। जिन पर इनाम घोषित है, उनका विवरण इस प्रकार है:
| नाम | धारित पद | संगठन | घोषित इनाम |
| माड़वी सन्ना | पीपीसीएम / ट्रेनिंग डिप्टी कमांडर | PLGA बटालियन नं. 01 | ₹8 लाख |
| सोड़ी हिड़मे | पार्टी सदस्य | PLGA बटालियन नं. 02 | ₹8 लाख |
| सूर्यम उर्फ रव्वा सोमा | पीपीसीएम / कमांडर | सीआरसी प्लाटून नं. 01 (धारित शस्त्र AK-47) | ₹8 लाख |
| मीना उर्फ माड़वी भीमे | डिप्टी कमांडर / पीपीसीएम | सीआरसी प्लाटून नं. 01 | ₹8 लाख |
| सुनिता उर्फ कुहराम हुंगी | डिप्टी कमांडर / एसीएम | प्लाटून नं. 26 | ₹5 लाख |
| मड़कम पाण्डू | एसीएम / मिलिशिया कमांड इन चीफ | पामेड़ एरिया कमेटी | ₹5 लाख |
| कुंजाम सिंगा | डिप्टी कमांडर | गोलापल्ली एलओएस | ₹3 लाख |
| माड़वी सोमड़ी | अध्यक्ष | गोमपाड़ आरपीसी केएएमएस | ₹2 लाख |
| चिलका उर्फ माड़वी पोज्जे | अध्यक्ष / डीव्हीसीएम गार्ड | पूर्व किस्टाराम एरिया कमेटी | ₹1 लाख |
| कुल ईनाम | ₹48 लाख |
बढ़ते शोषण और अत्याचार से तंग आकर छोड़ा रास्ता
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने बताया कि उन्होंने माओवादी संगठन को छोड़ने का फैसला बाहरी माओवादियों द्वारा किए जाने वाले शोषण, अत्याचार और स्थानीय आदिवासियों के साथ भेदभाव से तंग आकर लिया है। इसके अलावा, पुलिस के बढ़ते प्रभाव और अंदरूनी क्षेत्रों में कैंप स्थापित होने से उनकी घेराबंदी तेज हो गई थी, जिससे उनका छिपना और मूलभूत जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया था।
पुनर्वास के तहत तत्काल सहायता
आत्मसमर्पित माओवादियों को ”छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति-2025” के तहत तत्काल राहत और पुनर्वास प्रदान किया जाएगा।
- पुनर्वास नीति के तहत, इन सभी 15 माओवादियों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे वे समाज की मुख्यधारा में अपना जीवन शुरू कर सकें।
इस सफलता में जिला बल, डीआरजी, आरएफटी, विआशा, आसूचना शाखा के साथ-साथ सीआरपीएफ (02, 212, 217, 223, 241 वाहिनी) एवं कोबरा 207 वाहिनी के आसूचना शाखा कार्मिकों की विशेष भूमिका रही है।













