Meerut Crime/मेरठ: मेरठ में एक डॉक्टर की लापरवाही ने सभी को हैरान कर दिया। जागृति विहार एक्सटेंशन के रहने वाले सरदार जसप्रिंदर सिंह के ढाई साल के बच्चे की आंख के पास लगी चोट का इलाज करने के दौरान डॉक्टर ने टांके लगाने की बजाय 5 रुपये वाली फेविक्विक घाव पर चिपका दी। नतीजा यह हुआ कि बच्चा पूरी रात दर्द से तड़पता रहा।
दूसरे अस्पताल में इलाज और टांके
वहीं जब अगले दिन बच्चे को दूसरे अस्पताल में ले जाने पर पता चला कि पहली पट्टी आंख में चिपक गई थी। इसे हटाने में स्टाफ को पूरे तीन घंटे लगे। अंततः बच्चे को 4 टांके लगाने पड़े। इस घटना के बाद परिजन ने पहले वाले अस्पताल में हंगामा किया, लेकिन स्टाफ ने कोई जवाब नहीं दिया।
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सीएमओ ने दिए जांच के आदेश
सीएमओ आशोक कटारिया ने मामले को गंभीर बताया और अस्पताल के सीसीटीवी चेक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा: “ये मामला बेहद हैरान करने वाला है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
परिवार का बयान
Meerut Crime/बच्चे के पिता जसप्रिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने खुद देखा कि 5 रुपये वाली फेविक्विक स्टाफ ने खुली और बच्चे पर लगा दी। उस समय उन्हें गंभीरता का अंदाजा नहीं था क्योंकि बच्चा बहुत दर्द में था।
इस तरह देखा जाए तो मेरठ की यह घटना डॉक्टर की लापरवाही और मेडिकल प्रैक्टिस की गंभीर चूक को उजागर करती है। मासूम की आंख पर सही समय पर इलाज न होना और फेविक्विक जैसी वस्तु का इस्तेमाल करने से बच्चे की जान पर खतरा पैदा हो गया। अब सीएमओ की तीन टीमें मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













