Hidma encounter : जगदलपुर : खूंखार नक्सली कमांडर हिडमा के हालिया एनकाउंटर के बाद सुरक्षाबलों ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और आसपास के इलाकों से 31 माओवादियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए माओवादियों में छत्तीसगढ़ के कुछ शीर्ष नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियानों की तीव्रता को दर्शाती है, जिसके कारण माओवादी बस्तर और छत्तीसगढ़ के अपने गढ़ को छोड़कर पड़ोसी राज्यों में शरण लेने को मजबूर हो रहे हैं।
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Hidma encounter : सुरक्षाबलों को विजयवाड़ा के कनुरू इलाके के न्यू ऑटोनगर स्थित एक चार मंजिला इमारत में माओवादियों के छिपे होने की खुफिया सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान एक ही इमारत से 27 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से अधिकांश महिलाएं थीं, जो कथित तौर पर खुद को प्रवासी मजदूर बताकर वहां रह रही थीं ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। विजयवाड़ा और ऑटोनगर के आसपास बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर विभिन्न कारखानों और लकड़ी के डिपो में काम करते हैं, जिसका फायदा उठाकर माओवादियों ने यह वेश बदला था।
Hidma encounter : यह बड़ा ऑपरेशन आंध्र-ओडिशा सीमा क्षेत्र (AOBS) के अल्लूरी सीतारामाराजू जिले के जंगलों में मंगलवार को हुए उस बड़े एनकाउंटर से जुड़ा हुआ है, जिसमें शीर्ष माओवादी कमांडर और भाकपा (माओवादी) केंद्रीय समिति के सदस्य हिडमा और उसकी पत्नी राजी समेत छह माओवादी मारे गए थे। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों द्वारा तेज किए गए अभियानों के दबाव में कई माओवादियों के आंध्र प्रदेश के अंदरूनी इलाकों में घुस आने का संदेह था। एडीजी इंटेलिजेंस ने पुष्टि की है कि पुलिस पिछले एक महीने से माओवादियों की गतिविधियों पर कड़ी नज़र रख रही थी।
Hidma encounter : गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब ऑटोनगर स्थित उस इमारत के मालिक से गहन पूछताछ कर रही है, जिसने इन माओवादियों और उनके समर्थकों को शरण दी थी। इस बात की भी जांच की जा रही है कि गिरफ्तार किए गए माओवादी विजयवाड़ा या आंध्र प्रदेश के किसी अन्य हिस्से में किसी बड़े हमले की योजना तो नहीं बना रहे थे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सुरक्षाकर्मियों ने गिरफ्तार माओवादियों के पास से कोई हथियार या विस्फोटक बरामद किया है या नहीं। इस बड़ी गिरफ्तारी को सुरक्षाबलों की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, जो बस्तर और पड़ोसी राज्यों में नक्सल विरोधी अभियान को और मजबूती देगी।









