Indore News: इंदौर : इंदौर सहित प्रदेशभर में आशा और उषा कार्यकर्ताओं के वेतन भुगतान में हो रही अनियमितताओं और कटौती के विरोध में सोमवार को इंदौर के रीगल चौराहे पर बड़ी संख्या में आशा–उषा कार्यकर्ता एकजुट होकर सड़क पर उतर आईं। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की “रीढ़” कहे जाने के बावजूद उन्हें न तो नियमित वेतन मिल रहा है और न ही सरकार द्वारा घोषित प्रोत्साहन राशि समय पर दी जाती है।
Indore News: दरअसल पूरे प्रदेश में “सरकार की रीढ़”कही जाने वाली आशा उषा कार्यकर्ताओं ने सरकार से अनियमित रूप से किए जा रहे भुगतान को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है इसी कड़ी मैं इंदौर के रीगल चौराहे पर महिलाओं ने इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। आशा कार्यकर्ता महिलाओं का आरोप है कि कई महीनों से सरकार तीन–चार महीने का भुगतान रोककर भुगतान करती है और लगातार कटौती से प्रदेशभर की आशा कार्यकर्ता आर्थिक संकट से जूझ रही हैं।
Indore News: कार्यकर्ताओं ने बताया कि विभाग ने प्रत्येक माह की 5 तारीख तक भुगतान का आदेश जारी किया है, लेकिन वर्षों से इसका पालन नहीं हो रहा। दीपावली जैसे त्योहार पर भी वेतन न मिलने से हजारों परिवार प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में करीब 75 हजार से ज्यादा आशा व उषा कार्यकर्ता सक्रिय हैं, लेकिन सभी शोषण का सामना कर रही हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भुगतान व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई और वेतन वृद्धि सहित शासकीय कर्मचारियों जैसे लाभ नहीं दिए गए, तो प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।











