Birsa Munda : रीवा। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को याद करते हुए जिलेभर में 15 नवंबर को जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जिले के अलग-अलग हिस्सों में जनजातीय संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां, सम्मान समारोह और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की गई। लोग बिरसा मुंडा के ‘उलगुलान’ आंदोलन और अंग्रेजों के खिलाफ उनके संघर्ष को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे। प्रशासन और स्वैच्छिक संगठनों द्वारा जनजातीय समाज की उपलब्धियों और परंपराओं पर प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें युवाओं की विशेष भागीदारी रही।
जीडीसी कॉलेज, रीवा में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने उनके जीवन, विचारों और समाज सुधार के प्रयासों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल थे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा, “बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा किया और देश की आज़ादी की लड़ाई में अमिट योगदान दिया। उनके आदर्श और संघर्ष हमें आज भी प्रेरणा देते हैं।”











