Job Fraud : इंदौर | क्राइम ब्रांच इंदौर ने पुलिस आरक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक जालसाज को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी, जो खुद को पुलिस आरक्षक बताकर युवतियों को झांसा देता था, अब पुलिस की गिरफ्त में है और उससे गहन पूछताछ जारी है।
Job Fraud : दरअसल, यह मामला तब सामने आया जब एक युवती ने पुलिस कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बताया कि एक व्यक्ति ने उसे बिना किसी परीक्षा के सीधे पुलिस आरक्षक की नौकरी दिलवाने का झूठा झांसा दिया। इस झांसे के बदले आरोपी ने युवती से सीधे छह लाख रुपये की मांग की थी। शिकायत की गंभीरता को समझते हुए, पुलिस कमिश्नर (क्राइम) ने तुरंत क्राइम ब्रांच को जांच के निर्देश दिए।
क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की मदद से जांच शुरू की। इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान अजय पाटीदार, निवासी बागली, जिला देवास के रूप में हुई। टीम ने तुरंत दबिश देकर आरोपी अजय पाटीदार को गिरफ्तार कर लिया।
शुरुआती पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी अजय पाटीदार खुद को पुलिस आरक्षक बताकर युवतियों से संपर्क करता था। उसका मुख्य उद्देश्य नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे दोस्ती बढ़ाना और फिर पैसों की मांग कर ठगी करना होता था। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी का स्वभाव आवारा किस्म का है और वह पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ पूर्व में आर्म्स एक्ट सहित अन्य आपराधिक प्रकरण भी दर्ज हैं।
फिलहाल, आरोपी अजय पाटीदार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 418(2) और 419(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। क्राइम ब्रांच उससे यह जानने के लिए आगे की पूछताछ कर रही है कि क्या उसने इंदौर या आसपास के अन्य शहरों में भी इसी तरह से नौकरी दिलाने के नाम पर किसी और व्यक्ति के साथ ठगी की है।
Job Fraud : राजेश त्रिपाठी, क्राइम ब्रांच डीसीपी: क्राइम ब्रांच ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि नौकरी या किसी भी सरकारी पद के नाम पर यदि कोई व्यक्ति पैसे की मांग करता है या रिश्वत मांगता है, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें और ऐसे जालसाजों के बहकावे में न आएं।













