school gang rape : मऊगंज। मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक वीभत्स वारदात सामने आई है। गाँव की एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ गाँव के ही तीन युवकों ने शासकीय प्राथमिक विद्यालय के अंदर सामूहिक बलात्कार किया। घटना के बाद आरोपी पीड़िता को घायल और बेहोश अवस्था में छोड़कर फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया है।
school gang rape : पानी लेने निकली थी नाबालिग, खेत में मिली घायल
यह अमानवीय घटना लौर थाना क्षेत्र के एक गाँव की है। पीड़िता शाम करीब छह बजे घर से पानी लेने के लिए निकली थी, लेकिन कई घंटों तक वापस नहीं लौटी। चिंतित परिजनों ने जब बच्ची की तलाश शुरू की, तो वह पास के धान के खेत में घायल और अचेत अवस्था में मिली। होश आने पर बच्ची ने अपने परिजनों को बताया कि गाँव के ही तीन युवकों ने शासकीय प्राथमिक विद्यालय के अंदर बारी-बारी से उसके साथ गैंगरेप किया और उसे वहीं छोड़कर भाग निकले।
school gang rape : पुलिस पर भी लगा मारपीट का आरोप
पीड़िता के परिजनों ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की और तीनों आरोपियों को चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, इस मामले में परिजनों ने आरोप लगाया है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने पहुँचते समय पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और उनके मोबाइल तक जब्त कर लिए। पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी ने परिजनों द्वारा लगाए गए इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
school gang rape : स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल
सामूहिक दुष्कर्म की इस वारदात में प्रशासन और विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। परिजनों का कहना है कि घटना के कई घंटे बाद भी, बच्ची सुबह से घर पर तड़प रही है, डरी सहमी है और अचेत अवस्था में पड़ी हुई है, लेकिन कोई डॉक्टर या स्वास्थ्य अधिकारी उसे देखने तक नहीं पहुँचा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए, लौर थाना प्रभारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।













