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Dhan Kharidi 2025 : सेवा सहकारी समिति कर्मचारियों का 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का अल्टीमेटम, ये हैं 4 मुख्य मांगें…

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Dhan Kharidi 2025 : सूरजपुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने से पहले ही सेवा सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी चार सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर संघ ने 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का अल्टीमेटम दिया है। यदि समय रहते उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो राज्य में किसानों के धान खरीदी का काम बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

Dhan Kharidi 2025 : चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा

कर्मचारी संघ ने शुक्रवार को सभी 33 जिला मुख्यालयों पर रैली निकालकर मंत्रियों के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद:

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28 अक्टूबर (मंगलवार): एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय महाहुंकार ज्ञापन रैली निकालकर मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

3 नवंबर से 11 नवंबर: संभाग स्तरीय अनिश्चितकालीन आंदोलन।

12 नवंबर से: सरकार के निर्णय आने तक प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू होगा।

कर्मचारियों की 4 मुख्य मांगें

कर्मचारी संघ ने खाद्य और सहकारिता विभाग से संबंधित कुल चार मुख्य मांगें रखी हैं, जो इस प्रकार हैं:

1. धान खरीदी में सूखत (शॉर्टेज) का मुद्दा

वर्ष 2023-24 और 2024-25 में धान परिदान के बाद हुई संपूर्ण सूखत (शॉर्टेज) को स्वीकार कर समितियों को उसकी राशि दी जाए।

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शून्य शार्टेज प्रोत्साहन का प्रावधान लागू हो।

विभिन्न कमीशन, प्रासंगिक (Incidental) और सुरक्षा व्यय में बढ़ोतरी की जाए।

मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर शासकीय उचित मूल्य दुकानदारों के विक्रेताओं को प्रतिमाह ₹3,000 दिए जाएं।

2. खरीदी अधिकारी की जिम्मेदारी

कलेक्टर द्वारा नामित प्रशासनिक धान खरीदी अधिकारी/प्रभारी को खरीदी से लेकर परिवहन मिलान तक सूखत की पूरी जिम्मेदारी लिखित में सौंपी जाए।

आउटसोर्सिंग द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटर के नियोजन को समाप्त कर विभाग तय करते हुए नियमितिकरण किया जाए।

3. वेतनमान और प्रबंधकीय अनुदान

प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को वेतनमान दिया जाए।

मध्य प्रदेश सरकार की भांति प्रत्येक समितियों को प्रति वर्ष ₹3 लाख की प्रबंधकीय अनुदान राशि दी जाए।

4. सेवानियमों में संशोधन

काण्डे कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, सेवानियम 2018 में भविष्य निधि (PF), महंगाई भत्ता (DA), ईएसआईसी सुविधा जैसे प्रावधानों को शीघ्र लागू किया जाए।

सेवा में कार्यरत दैनिक/संविदा कर्मचारियों को समिति की सीधी भर्ती में प्राथमिकता और बोनस अंक अनिवार्य किया जाए।

बैंक कैडर समिति प्रबंधक और अन्य खाली पदों पर समितियों के सहायक कर्मचारियों के लिए 50% विभागीय भर्ती का प्रावधान कर उम्र और योग्यता में छूट दी जाए।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 3 नवंबर से पहले उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो लाखों किसान प्रभावित होंगे और धान खरीदी केंद्र पूरी तरह बंद हो जाएंगे।

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