Saturday, August 15, 2026
Home Madhya Pradesh MP News : सीटाडेल कंपनी पर लगा लाखों रुपए के फर्जी बिल...

MP News : सीटाडेल कंपनी पर लगा लाखों रुपए के फर्जी बिल का आरोप: सिंगरौली नगर निगम में कचरा प्रबंधन बना ‘बड़ा घोटाला’

0
545

MP News : सिंगरौली। एक ओर नगर पालिक निगम सिंगरौली स्वच्छता अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे करता नहीं थकता, वहीं हकीकत इन दावों के ठीक उलट है। नगर निगम के 1 से 45 वार्डों तक कचरा उठाने की जिम्मेदारी संभालने वाली सीटाडेल कंपनी पर अब भारी अनियमितताओं और लाखों रुपए के फर्जी बिलिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी ने कचरा संग्रहण और निस्तारण के नाम पर निगम के साथ बड़ा आर्थिक घोटाला किया है।

MP News : निस्तारण की जिम्मेदारी, लेकिन कचरा खुले में डंप

नगर निगम द्वारा अनुबंधित सीटाडेल कंपनी को कचरा एकत्र कर गनियारी कचड़ा संग्रह प्लांट में ले जाकर उसका प्रसंस्करण (खाद बनाना) करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

लेकिन, स्थानीय निवासियों के अनुसार, कंपनी ने इन व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ा दी हैं। कंपनी द्वारा एकत्र किया गया कचरा निर्धारित प्रोसेसिंग सेंटर तक पहुंचाने के बजाय रेलवे क्रॉसिंग के पास खुले में डंप कर दिया जा रहा है। इस खुले कचरे से लगातार बदबू फैल रही है, जिससे आसपास की बस्तियों के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।

MP News : बदबू और प्रदूषण से जनस्वास्थ्य पर संकट

कचरे के इस अवैध ढेर से न केवल आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है, बल्कि कई पशुओं की मौत की खबरें भी सामने आई हैं।

  • बढ़ती बीमारियां: सड़े हुए कचरे से निकलने वाली जहरीली गैस और मच्छरों की बढ़ती संख्या से बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कई घरों में लोग उल्टी, बुखार और सांस की समस्याओं से पीड़ित हैं।
  • जलस्रोतों का दूषित होना: कचरे से निकलने वाला गंदा पानी नालियों और नदियों में मिलकर तालाबों और नल-जल योजना के जलस्रोतों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों को आपूर्ति किया जाने वाला पानी भी दूषित हो गया है। जानकारों का कहना है कि जल्द कार्रवाई न होने पर यह गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का कारण बन सकता है।

MP News : नगर निगम ने दी नोटिस, जांच की मांग

इस पूरे मामले पर सीटाडेल कंपनी के स्थानीय मैनेजर राघवेंद्र सिंह ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। वहीं स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कंपनी के अधिकारी और नगर निगम के कुछ कर्मचारी आपस में मिलीभगत करके फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए का दुरुपयोग कर रहे हैं। जब नगर पालिक निगम सिंगरौली की उपायुक्त रूपाली द्विवेदी से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि सीटाडेल कंपनी के खिलाफ कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

रूपाली द्विवेदी (उपायुक्त, नगर पालिक निगम सिंगरौली) के अनुसार, “सीटाडेल कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। यदि कंपनी की लापरवाही सिद्ध होती है, तो उसके खिलाफ अनुबंध निरस्त करने सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

शहरवासियों ने अब पूरे कचरा प्रबंधन तंत्र की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। यह “कचरा प्रबंधन घोटाला” अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि एक ओर शहर बेहतर रैंकिंग का दावा कर रहा है, वहीं नागरिक बदबू और बीमारियों के बीच जीने को मजबूर हैं।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here