Govardhan Puja : जबलपुर। दीपावली के अगले दिन मनाए जाने वाले गोवर्धन पूजा पर्व पर जबलपुर में श्रद्धालुओं का विशेष उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पौराणिक मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में यह पर्व बड़े धूमधाम और विधि-विधान से संपन्न हुआ।
Govardhan Puja गोवर्धन पर्वत और गौ माता का पूजन:
द्वापर युग से चली आ रही इस परंपरा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर गांववासियों को इंद्रदेव के प्रकोप से बचाने की घटना को याद किया जाता है। इसी के प्रतीक स्वरूप, जबलपुर में भी भक्तों ने गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत का निर्माण कर विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर गौ माता की विशेष पूजा की गई, जिसके प्रति भक्तों में गहरा सम्मान दिखा।
Govardhan Puja डेढ़ किलो चांदी का समर्पण:
श्रद्धा और समर्पण का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए, कई स्थानों पर भक्तों ने गौ माता को चांदी चढ़ाकर अपनी आस्था प्रकट की। एक विशेष आयोजन में, गौ माता को प्रतीकात्मक रूप से डेढ़ किलो चांदी चढ़ाई गई। यह समर्पण शहर में चर्चा का विषय बना और धार्मिक आस्था की गहराई को दर्शाता है।
Govardhan Puja भक्ति और उल्लास का माहौल:
गोवर्धन पूजा के इस पर्व ने पूरे शहर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना दिया। मंदिरों और घरों में विशेष सजावट की गई। इस दौरान भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ और बड़ी संख्या में प्रसाद वितरण किया गया। गोवर्धन पूजा के इस पर्व ने एक बार फिर जबलपुर की धार्मिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को सजीव कर दिया।









