CG News : गरियाबंद। देवभोग में आयोजित भाजपा के प्रदेश स्तरीय ‘आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन’ में उस वक्त बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब भाजपा के एक स्थानीय नेता को पुलिस द्वारा ‘नजरबंद’ कर दिया गया। देवभोग के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी भाजपा नेता को पार्टी के ही प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया।
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CG News : पूर्व जिला मंत्री और माली समाज के सक्रिय नेता चमार सिंह पात्र को सम्मेलन शुरू होने से ठीक पहले थाने में बिठाकर हिरासत में ले लिया गया। आरोप है कि पात्र सम्मेलन में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी और मंत्री दर्जा प्राप्त चंदूलाल साहू समेत अन्य दिग्गजों के सामने जिला संगठन की हालिया नियुक्तियों में हुई गंभीर विसंगतियों और अनियमितताओं का मुद्दा उठाने वाले थे।
समाज के आक्रोश के बाद रिहा, पार्टी पर उठे सवाल
इस घटना के बाद क्षेत्र के पंडरा माली समाज में तीव्र आक्रोश फैल गया, जिसके ‘हल्ला बोल’ और विरोध के बाद चमार सिंह पात्र को रिहा किया गया और उन्हें मंच पर वापस आने दिया गया। नजरबंद किए जाने पर चमार सिंह पात्र ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उनका कसूर सिर्फ इतना था कि वे संगठन की नियुक्ति में हुई गड़बड़ी और पुराने, समर्पित कार्यकर्ताओं को स्थान न दिए जाने के मुद्दे को अपने ही वरिष्ठ नेताओं के सामने रखना चाहते थे।
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उन्होंने सवाल उठाया कि आवाज उठाने से पहले पुलिस कस्टडी में भेज देना कितना उचित है। यह घटना दर्शाती है कि प्रदेश स्तरीय कार्यक्रमों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पार्टी ने आंतरिक असंतोष को दबाने का प्रयास किया, जिससे संगठन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।













