रायपुर| छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए निगम, मंडल, आयोग तथा बोर्डों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री एवं राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, प्रदेश में निगम-मंडल एवं आयोगों के 14 अध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा और 21 अध्यक्ष तथा उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है। इस तरह, अब इन पदों पर नामित लोगों को उसी तरह की सभ्य सुविधाएँ और दर्जा मिलेगा जैसा संवैधानिक मंत्री विकास को मिलता है।
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इस आदेश की घोषणा के साथ ही, संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे इस दर्जे के अनुसार वेतन, आवास, मानदेय और अन्य सुविधाओं का प्रावधान करें। यह लंबित मांग थी, और इससे जुड़े पदाधिकारियों को अब अधिक संवैधानिक प्रकार की स्थिति मिल सकेगी।
प्रमुख नियुक्तियों की सूची भी जारी की गई है, जिसमें कई नाम शामिल हैं — जैसे कि भूपेंद्र सवन्नी को क्रेडा अध्यक्ष, लोकेश कवाड़िया को छत्तीसगढ़ निशक्तजन वित्त एवं विकास निगम का अध्यक्ष, सौरभ सिंह को खनिज विकास निगम का अध्यक्ष, मोना सेन को राज्य केश-शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्षता और अन्य।
इसके पूर्व, सूची में 36 नेताओं को निगम, मंडल, बोर्ड और आयोगों में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पदों पर नियुक्त किया गया था। हालाँकि बाद में कुछ संशोधन भी किए गए हैं और कुछ पदों में फेर-बदल हुआ है।
यह निर्णय राजनीतिक तथा प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसे राज्य सरकार द्वारा उन नेताओं को राजनीतिक सम्मान देने की एक संकेत माना जा रहा है।













