रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की छापेमारी के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर उबाल आ गया है। इस बीच प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रेस को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर करारा हमला बोला और इसे “करप्शन टूरिज्म” करार दिया।
विजय शर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा —
“क्या कांग्रेस अपने ही मुख्यमंत्री से पूछेगी कि उस समय राज्य में क्या हो रहा था? रिसॉर्ट में बैठकर CGPSC की परीक्षा के प्रश्नपत्र हल कराए जा रहे थे। ऐसे भ्रष्ट उम्मीदवार सिस्टम में घुसकर पूरे विभाग को दीमक की तरह खा जाते हैं। यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों होनहार युवाओं के भविष्य के साथ किया गया मज़ाक था।”
उन्होंने आगे कहा,
“कांग्रेस के शासनकाल में छत्तीसगढ़ ‘करप्शन टूरिज्म’ का हब बन चुका था।”
CBI की कार्रवाई और खुलासों से कांग्रेस पर बढ़ा दबाव
CBI ने हाल ही में CGPSC परीक्षा से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में कई जगह छापेमारी की, जिसमें परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक, सॉल्वर गैंग की संलिप्तता और राजनीतिक संरक्षण के सुराग सामने आए हैं। मामले में कुछ रिजॉर्ट्स में सॉल्विंग सेशन चलने की जानकारी भी सामने आई है।
नक्सल मुद्दे पर भी दिया बयान
बीजापुर में 22 नक्सलियों की गिरफ्तारी को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल संगठन दो हिस्सों में बंट चुका है।
उन्होंने बताया—
“पहले जिन लोगों को बंदूक के दम पर नक्सल आंदोलन में शामिल किया गया था, अब वे खुद को स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और स्वेच्छा से मुख्यधारा में लौट रहे हैं। यह छत्तीसगढ़ की सुरक्षा नीति की बड़ी जीत है।”
राजनीतिक विश्लेषण: BJP का आक्रामक रुख, कांग्रेस पर दबाव
CGPSC घोटाले को लेकर जहां कांग्रेस लगातार CBI जैसी एजेंसियों पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई का आरोप लगाती रही है, वहीं बीजेपी अब इसे कांग्रेस शासन के “भ्रष्ट चेहरे” के तौर पर प्रचारित कर रही है। विजय शर्मा का बयान साफ संकेत देता है कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार की तरह उपयोग करने को तैयार है।











