भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समरसता आयोजन में कहा कि शरद पूर्णिमा से लेकर दिवाली तक बाल्मीकि उत्सव का यह पवित्र काल समाज में सामाजिक एकता और समरसता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हमारे लिए साल का नया दिन दिवाली से शुरू होता है। यह त्योहार प्रकाश, सत्य और सद्भाव का प्रतीक है।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन में तीन महर्षियों का विशेष योगदान रहा — महर्षि विश्वामित्र, वशिष्ठ ऋषि और महर्षि वाल्मीकि। महर्षि वाल्मीकि ने न केवल रामायण की रचना की, बल्कि श्रीराम के जीवन और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया। उनके कारण आज “रामराज्य” की अवधारणा समाज के हर वर्ग तक पहुँची है।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने सामाजिक समरसता और समानता का ऐसा संदेश दिया, जिसने हर घर में राम और लक्ष्मण जैसे संस्कारों की नींव रखी। उनके द्वारा बहाई जा रही सनातन की धारा आज भी हमारे समाज को जोड़ने का कार्य कर रही है। इस परंपरा को आगे बढ़ाना हम सबका कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में समरसता और सौहार्द का भाव बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। हमें महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर एकजुट होकर समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत करना होगा।
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लाड़ली बहना योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की हर योजना महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समर्पित है। उन्होंने बताया कि वे समरसता आयोजन के बाद श्योपुर जा रहे हैं, जहां “लाड़ली बहना योजना” की राशि आज बहनों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सीएम ने कहा कि किसी भी योजना में कोई कमी नहीं रहेगी, सरकार हर वर्ग के विकास के लिए संकल्पित है।













