नई दिल्ली : भीम आर्मी के संस्थापक और यूपी की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद (रावण) के खिलाफ पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने कई गंभीर आरोप लगाये हैं। रोहिणी का कहना है कि चार साल तक चलने वाले उनके रिश्ते के दौरान चंद्रशेखर ने उन्हें इमोशनल ब्लैकमेल, यौन उत्पीड़न और बाद में राजनीतिक दबाव/ब्लैकमेल किया।
रोहिणी ने मीडिया को बताया कि 2021 से शुरू हुए रिश्ते के दौरान चंद्रशेखर ने पहले शादी का वादा किया था, लेकिन 2024 में सांसद बनने के बाद उन्होंने रिश्ता समाप्त करने की बात कही। रोहिणी के अनुसार, जब उन्होंने संबंध खत्म करने की कोशिश की तो चंद्रशेखर ने “तुम्हारे बिना मर जाऊंगा” जैसे बहकाऊ वाक्य कहे और बार-बार भावनात्मक दबाव बनाया।
Read More : CG News : राजनांदगांव : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे प्रयास आवासीय विद्यालय का लोकार्पण
रोहिणी ने बताया कि चंद्रशेखर ने उनके खिलाफ यूनाइटेड नेशंस में फ्रॉड का केस भी दर्ज करवा दिया था—जिसकी जांच में रोहिणी को क्लीन चिट मिली। उनके अनुसार यह केस उन्हें डराने व दबाने के इरादे से किया गया था। क्लीन चिट मिलने के बाद रोहिणी का दावा है कि हालात और विकृत हो गए और सांसद बनने के बाद दोनों के बीच सत्ता-आधारित अलगाव आ गया।
रोहिणी ने पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायतें दर्ज करवाई हैं—उनका कहना है कि राष्ट्रीय महिला आयोग में यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज हो चुकी है। वहीं, रोहिणी ने मजिस्ट्रेट के समक्ष भी बयान दर्ज कराया है (संदर्भित धाराओं के अंतर्गत)।
दैनिक भास्कर की कवरेज के अनुसार, पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल एक लेडी इंस्पेक्टर द्वारा की गई और कुछ बिंदुओं पर कार्रवाई भी हुई, परन्तु रोहिणी का यह भी दावा है कि बाद में “ऊपर से FIR दर्ज न करने” के ऑर्डर आने की बात कही गई—जिस पर वे नाराज हैं और अब अदालतिक रास्ता अपना रही हैं।
Read More : Jabalpur : जनादेश का अपमान रोकने के लिए शहर में कांग्रेस ने किया हस्ताक्षर अभियान
चंद्रशेखर के पक्ष में रिपोर्टर कई बार संपर्क करने का प्रयास कर चुका है; सांसद के प्रतिनिधि ने कहा कि चंद्रशेखर इस मामले पर कोर्ट में जवाब देंगे और उन्होंने हाईकोर्ट में रोहिणी पर इमेज डैमेज का मामला दायर किया है—इस दस्तावेज़ की प्रति भी प्रकाशित स्रोतों ने साझा की है।
रोहिणी ने मीडिया से कहा कि उनके पास कई वॉइस रिकॉर्डिंग और निजी दस्तावेज़ हैं जो उनके दावों का समर्थन करते हैं; साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके फोन से कुछ डेटा हटाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने अपनी पृष्ठभूमि का ज़िक्र करते हुए कहा कि वे सफाईकर्मी माँ की बेटी हैं और उन्होंने मुश्किल संघर्ष के बाद यह मुक़ाम पाया।
अभियुक्त संसद सदस्य और पुलिस दोनों के बयान व औपचारिक दस्तावेज़ अभी जारी हैं; इस मामले की आगे की कानूनी पड़ताल और पुलिस की औपचारिक कार्रवाई पर निगाह बनी हुई है।













