Singrauli News : NCL की बेशकीमती ज़मीन पर भू-माफिया और कबाड़ माफिया का कब्ज़ा, अधिकारियों की मिलीभगत से बढ़ रहा अवैध अतिक्रमण…

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 Singrauli News : सिंगरौली (मध्य प्रदेश): सिंगरौली जिले में एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) निगाही परियोजना की जमीन पर अवैध अतिक्रमण की समस्या विस्फोटक रूप लेती जा रही है। परियोजना की बेशकीमती जमीन पर भू-माफियाओं और कबाड़ माफियाओं का कब्ज़ा तेजी से बढ़ रहा है, और सूत्रों के अनुसार इस पूरे अवैध खेल को एनसीएल के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा एजेंसियों की मिलीभगत से बढ़ावा मिल रहा है।

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 Singrauli News : दलालों के झांसे में भोली-भाली जनता

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में सक्रिय दलाल और कुछ भ्रष्ट अधिकारी मोटी रकम लेकर भोले-भाले लोगों को यह झूठा आश्वासन दे रहे हैं कि एनसीएल की ज़मीन पर किया गया उनका निर्माण सुरक्षित रहेगा या उनके नाम हो जाएगा।

हालांकि, वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। एनसीएल की भूमि पर किया गया कोई भी निर्माण पूरी तरह गैरकानूनी है और प्रशासन किसी भी समय उसे ध्वस्त कर सकता है। इसके बावजूद, सांठगांठ के चलते जनता को गुमराह कर अतिक्रमण के लिए उकसाया जा रहा है।

प्रमुख क्षेत्रों में तेज़ी से बढ़ रहा कब्ज़ा

अतिक्रमण का यह सिलसिला कई प्रमुख स्थानों पर तेज़ी से जारी है:

नेहरू हॉस्पिटल का पुराना गेट: निगाही परियोजना में नेहरू हॉस्पिटल के पुराने गेट के सामने इन दिनों कबाड़ माफियाओं (CKD माफियाओं) ने अवैध कब्ज़ा शुरू कर दिया है। यहाँ दिन-रात तेज़ी से निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इसे रोकने वाली सुरक्षा एजेंसियां मूकदर्शक बनी हुई हैं।

अन्य क्षेत्र: डीओ बैरियर, सेक्टर-4 कॉलोनी के पीछे और चौकी के सामने भी एनसीएल की जमीन पर अवैध निर्माण का सिलसिला बेरोकटोक जारी है।

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सुरक्षा एजेंसियों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप

एनसीएल अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके निजी सुरक्षा एजेंसियों को नियुक्त करता है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि इन सुरक्षा एजेंसियों के कुछ अधिकारी भू-माफियाओं से मिलकर लाखों रुपये ले रहे हैं और अवैध कब्जों को खुली छूट दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब संपत्ति के जिम्मेदार ही मिलीभगत में शामिल हैं, तो अवैध अतिक्रमण रुकेगा कैसे?

इस पूरे मामले से एनसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसके कारण न सिर्फ सरकारी संपत्ति का नुकसान हो रहा है, बल्कि कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

क्या आप चाहते हैं कि इस गंभीर मामले पर स्थानीय प्रशासन या एनसीएल प्रबंधन की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की जाए?

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