Health Tips : जानलेवा हो सकता है कफ सिरप! एम्स के विशेषज्ञ बोले- बिना डॉक्टर की सलाह 5 साल तक के बच्चों को न दें दवा

 Health Tips : मौसम बदलने के साथ बच्चों में खांसी और कफ की समस्या बढ़ जाती है, और माता-पिता अक्सर जल्द राहत के लिए तुरंत कफ सिरप देना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या बच्चों को यह सिरप देना सुरक्षित है? इस बारे में दिल्ली एम्स के पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. हिमांशु बदानी और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा के डॉ. प्रशांत गुप्ता ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

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 Health Tips : 2 साल से कम उम्र के बच्चों को सिरप देना सुरक्षित नहीं

डॉ. हिमांशु बदानी स्पष्ट करते हैं कि विशेषज्ञों के अनुसार, 2 साल से कम उम्र के बच्चों को सामान्य खांसी की सिरप देना न तो जरूरी है और न ही सुरक्षित। इसका कारण यह है कि छोटे बच्चों का शरीर इन दवाओं को ठीक से मेटाबॉलाइज़ नहीं कर पाता है, जिससे बच्चों में सुस्ती, उल्टी, या सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

  • WHO और एफडीए भी 2 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप के इस्तेमाल को पूरी तरह से मना करते हैं।
  • डॉ. हिमांशु के अनुसार, 5 साल से कम उम्र के बच्चे को भी कफ सिरप केवल डॉक्टर की सलाह पर और बताई गई खुराक (डोज) के अनुसार ही दिया जाना चाहिए।

डॉ. प्रशांत गुप्ता भी इस बात से सहमत हैं और कहते हैं कि आयुर्वेद भी 2 साल से कम उम्र के बच्चों को सिरप न देने की सिफारिश करता है। आयुर्वेद में ऐसे बच्चों के लिए भाप (Steam) और सितोप्रलादी चूर्ण जैसे विकल्प दिए जाते हैं, जो स्वाद में अच्छे होते हैं और कफ से राहत भी देते हैं।

बिना खांसी के कफ को कैसे पहचानें?

डॉ. हिमांशु के मुताबिक, कई बार बच्चे को बलगम तो होता है, लेकिन वह खांसी नहीं कर पाता। ऐसे में कफ अंदर जमा रह जाता है। इसकी पहचान इन लक्षणों से की जा सकती है:

  • नाक में लगातार जमाव या जाम रहना।
  • सांस लेते समय घरघराहट या सीटी जैसी आवाज आना।
  • नींद में बेचैनी या भूख कम लगना।
  • बार-बार गला साफ करने की कोशिश करना।
  • बहुत छोटे बच्चों में, बलगम बाहर न निकल पाने के कारण बार-बार उल्टी या बेचैनी (Restlessness) होना।

बलगम का रंग और गंभीर संक्रमण का संकेत

डॉक्टर बताते हैं कि बलगम का रंग अक्सर बीमारी की प्रकृति बताता है:

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  • पारदर्शी या हल्का सफेद बलगम: यह आमतौर पर सामान्य वायरल संक्रमण या हल्की ठंड का संकेत है।
  • पीला या हल्का हरा बलगम: यह बताता है कि शरीर संक्रमण से लड़ रहा है और बैक्टीरियल इंफेक्शन की संभावना हो सकती है।
  • गाढ़ा हरा, पीला या बदबूदार बलगम: यह ज्यादातर साइनस या चेस्ट इंफेक्शन की ओर इशारा करता है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
  • बलगम में खून की लकीर: यह गले में जलन या किसी गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है, जिसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि कफ सिरप केवल अस्थायी आराम देता है, इसलिए जरूरी है कि पहले खांसी का कारण समझें और फिर डॉक्टर से सलाह लें।

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