इंदौर : मध्यप्रदेश साइबर सेल ने इंदौर निवासी रिटायर्ड ग्रासिम इंडस्ट्रीज के जनरल मैनेजर से ऑनलाइन ठगी करने वाले 9 यूपी के युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 1.39 करोड़ रुपए ठगी के रूप में हड़प लिए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी क्रिप्टोकरंसी के जरिए चीनी गिरोह से जुड़े थे।
इंजीनियरिंग और लॉ के छात्र तक शामिल
गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि देखकर पुलिस हैरान रह गई। इनमें बीटेक सिविल इंजीनियरिंग, बीबीए, बीसीए, और साइबर लॉ में पढ़ाई कर रहे छात्र शामिल हैं। आरोपियों ने ठगी की राशि का करीब 50 प्रतिशत अपने पास रखा और बाकी को क्रिप्टोकरंसी के जरिए विदेशी नेटवर्क तक पहुंचाया।
490% मुनाफे का झांसा देकर ठगी
शिकायतकर्ता रिटायर्ड GM फेसबुक पर शेयर किए गए ट्रेडिंग लिंक से व्हाट्सऐप ग्रुप में शामिल हुए। आरोपियों ने उन्हें इंस्टीट्यूशनल स्टॉक, आईपीओ और ब्लॉक ट्रेडिंग का झांसा दिया और महज एक महीने में 1.39 करोड़ रुपए हड़प लिए।
किराए पर बैंक खाते और विदेशी ट्रांसफर
साइबर सेल की जांच में पता चला कि आरोपियों ने ठगी की राशि जमा करने के लिए कई बैंक खाते किराए पर लिए थे। रकम 10 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई और आधा हिस्सा क्रिप्टोकरंसी में बदलकर चीन स्थित गिरोह को भेजा गया। दो महीनों में करीब 75 लाख रुपए क्रिप्टोकरंसी में ट्रांसफर हुए।
लग्जरी कार और मोबाइल जब्त
साइबर सेल की कार्रवाई में आरोपियों से 4 लग्जरी कार, 16 मोबाइल, कई बैंक चेकबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। सभी आरोपियों को लखनऊ जेल से इंदौर लाकर पूछताछ की जा रही है।
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गिरफ्तार आरोपियों की सूची
अभियुक्तों में विजय शंकर द्विवेदी, सत्यम तिवारी, सक्षम तिवारी, मोहम्मद शाद, मनीष जायसवाल, कृष शुक्ला, विनोद कुमार, लईक अहमद और दिवाकर विक्रमसिंह शामिल हैं। पुलिस अब इस गिरोह के विदेशी नेटवर्क और अन्य कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है।









