विंध्य | विंध्य में भाजपा नेताओं के बीच चल रही सत्ता की जंग अब धीरे-धीरे सार्वजनिक होने लगी है। भाजपा ने विंध्य क्षेत्र से राजेन्द्र शुक्ला को डिप्टी सीएम बनाकर जो उम्मीद जताई थी, वह अब कमजोर पड़ती नजर आ रही है।
सबसे पहले मऊगंज में मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम में डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला को पोस्टरों से हटा दिया गया, यह संकेत देने के लिए कि इस कार्यक्रम में उनका कोई महत्व नहीं है। इसके बाद त्योंथर विधानसभा सीट में आयोजित कार्यक्रम में भी उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। यह क्षेत्र सिद्धार्थ तिवारी का है, जिन्हें चुनाव से पहले राजेन्द्र शुक्ला ने भाजपा की सदस्यता दिलाई थी और टिकट दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन समय के साथ नेताओं के रिश्तों में खटास आ गई और सिद्धार्थ तिवारी सीधे मुख्यमंत्री की तरफ झुक गए।
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राजेन्द्र शुक्ला इस बदलाव से नाराज रहे, लेकिन कई मौकों पर उन्होंने सिद्धार्थ को अपने खेमे का बताने की कोशिश की। यह भ्रम तब टूट गया जब त्योंथर में आयोजित कार्यक्रम में सिद्धार्थ तिवारी ने स्पष्ट कर दिया कि यह क्षेत्र उनके परिवार का है और राजेन्द्र शुक्ला का यहां कोई काम नहीं है।
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पोस्टरों से गायब किए जाने के बाद राजेन्द्र शुक्ला की स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। इसके साथ ही उनके विरोधियों—रीति पाठक, दिव्यराज, गिरीश गौतम जैसे नेताओं—को भी भाजपा में रहकर पर्याप्त महत्व नहीं मिला, जिससे वे धीरे-धीरे अलग होने लगे। इसका पहला संकेत पोस्टरों के माध्यम से ही देखा जा चुका है।













