गौरी शंकर गुप्ता – घरघोड़ा/रायगढ़। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को 26वें दिन में प्रवेश कर गई। हड़तालरत लगभग 800 कर्मचारियों ने रायगढ़ में जिला भाजपा अध्यक्ष के सामने जोरदार रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय कर्मचारी संघ के मजबूत समर्थन के साथ यह आंदोलन अब पूरे प्रदेश में ध्यान खींच रहा है।
हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए तीखे सवाल दागे। उन्होंने पूछा, “02 बजट और 20 महीने बीत गए, अब नहीं तो कब?”, “20 साल की संविदा गुलामी और शोषण से मुक्ति कब?”, और “अन्य राज्यों में जॉब सिक्योरिटी, ग्रेड पे और अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिल रहा है, छत्तीसगढ़ महतारी के बच्चों को उनका हक कब मिलेगा?”
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कर्मचारियों की पांच प्रमुख मांगें हैं: ग्रेड पे, जॉब सिक्योरिटी, संविलियन, अनुकंपा नियुक्ति और संविदा मुक्ति। आंदोलनकारियों ने सरकार की घोषणा पत्र की टैगलाइन “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” पर भी तंज कसते हुए कहा कि सत्ता पाने के लिए किए गए वादों की बजाय संविदा कर्मियों की अनदेखी हो रही है।
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हड़ताली कर्मचारियों ने हाल ही में बर्खास्तगी और दमनकारी कार्रवाई की कोशिशों का भी विरोध किया और चेतावनी दी कि उनकी मांगें पूरी न होने तक आंदोलन रुकेगा नहीं। आज रायपुर में छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारी संघ की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें 33 जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल हो रहे हैं और आगामी रणनीति तय की जाएगी। संकेत मिल रहे हैं कि आंदोलन अगले चरण में और बड़े स्तर पर उग्र रूप ले सकता है।











