बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ब्लॉक गुंडरदेही अंतर्गत ग्राम पंचायत कोड़ेवा के प्राथमिक पाठशाला कोड़ेवा में बच्चों के साथ मारपीट और उन्हें काम कराने का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल के प्रधान पाठक बच्चों के साथ शारीरिक काम कराते हैं और मारपीट करते हैं। बच्चों की शिकायत पर उन्हें और अधिक पीटा जाता है, जिससे स्कूल का माहौल भय और तनाव से भर गया है।
विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों ने बताया कि उनसे झाड़ू लगवाने, बर्तन धोने और सफाई जैसे काम कराए जाते हैं। विरोध करने या शिकायत करने पर प्रधान पाठक डंडे से बच्चों को मारते हैं। बच्चों का कहना है कि वे पढ़ाई करने स्कूल आते हैं, लेकिन वहां पढ़ाई की बजाय डर और मारपीट झेलनी पड़ती है। इस कारण कई बच्चे अब स्कूल जाने से कतराने लगे हैं।
Read News : MP News : स्कूल बसों की लापरवाही : बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड बसें सड़कों पर, अभिभावक भयभीत
अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार बच्चों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण देने के लिए है, लेकिन कोड़ेवा स्कूल में इसका उल्लंघन हो रहा है। कई अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चे घर पर रोते हुए कहते हैं कि वे अब स्कूल नहीं जाना चाहते। इससे बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत कोड़ेवा के ग्रामीणों ने भी मामले को गंभीर बताया है। उनका कहना है कि शिक्षा के मंदिर में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करते हैं, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने प्रधान पाठक पर कठोर कार्रवाई और स्कूल में नियमित निरीक्षण की मांग की है।
शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों का कहना है कि शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुकी है और विभागीय जांच समिति गठित की जा रही है। समिति बच्चों और ग्रामीणों से बयान दर्ज कर वास्तविक स्थिति सामने लाएगी। ग्रामीण और अभिभावक इस मामले पर चुप नहीं रहेंगे और बच्चों की सुरक्षा तथा बेहतर शिक्षा सुनिश्चित कराने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प रखते हैं।









